Bihar News : नेपाल के तराई क्षेत्र में हो रही भारी बारिश ने बिहार के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। नेपाल से निकल कर बिहार आने वाली नदियों के जलग्रहण क्षेत्र में तेज बारिश हो रही है। लिहाजा बिहार के सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है।
17 जिलों में हाई अलर्ट
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में 17 संवेदनशील जिलों के जिलाधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। गंडक, बागमती और कोसी नदियों से जुड़े इलाकों में बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने युद्ध स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।
24 घंटे निगरानी हो
बैठक में नदी के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने के आदेश दिए गए। नदी किनारे बसे गांवों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों की भी लगातार निगरानी की जाएगी। कोसी नदी के जलस्तर में कुछ गिरावट दर्ज की गई है, फिर भी आसपास के जिलों को सतर्क रहने को कहा गया है।
NDRF भी अलर्ट
NDRF और SDRF की टीमें पूरी तरह अलर्ट हैं। नाव, लाइफ जैकेट और रेस्क्यू उपकरण पर्याप्त मात्रा में तैयार रखे गए हैं।
नदियों में भारी उफान
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण आने वाले समय में गंडक और कोसी बराज पर पानी का डिस्चार्ज बढ़ने का अनुमान है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक गंडक बराज पर 27 सितंबर की आधी रात तक करीब 3,81,638 क्यूसेक और कोसी बराज पर करीब 3,53,407 क्यूसेक पानी पहुंचने का अनुमान जताया गया है। नेपाल के मौसम विभाग ने भी कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे नदियों के जलस्तर बढ़ने और बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
गंडक, बागमती और कोसी पर विशेष नजर
सरकार ने गंडक, बागमती और कोसी नदी से जुड़े जिलों में विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं। नदी के जलस्तर के साथ-साथ तटबंधों, स्लुइस गेट, कटाव वाले स्थानों और निचले इलाकों पर लगातार नजर रखने को कहा गया है।संवेदनशील तटबंधों पर रात में भी गश्ती बढ़ाने और किसी भी तरह के सीपेज, ओवरटॉपिंग, कटाव, दरार या तटबंध टूटने के संकेत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों से लेकर पुल-पुलियों तक निगरानी
प्रशासन को सिर्फ नदी और तटबंधों तक सीमित नहीं रहने को कहा गया है। नदी किनारे बसे गांवों, निचले इलाकों, पुल-पुलियों और संपर्क मार्गों की भी लगातार निगरानी की जाएगी।जरूरत पड़ने पर संभावित प्रभावित आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गांवों में दी जा रही चेतावनी
संभावित प्रभावित इलाकों में माइकिंग के जरिए अर्ली वॉर्निंग दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा। सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय और बचाव-राहत संसाधनों को स्टैंडबाय मोड में रखने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की पैनी नजर हालात पर है। जिलाधिकारियों को नियमित प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए आम लोगों को जागरूक करने को कहा गया है।
आपातकालीन नंबर ज़ारी
आपातकालीन स्थिति में टोल फ्री नंबर 1070 पर संपर्क किया जा सकता है। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता बरतकर बड़े नुकसान से बचा जा सकता है, लेकिन नेपाल से आने वाले पानी का दबाव किसी भी समय बढ़ सकता है। उत्तर बिहार के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।





