बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रेलवे ने राजेंद्र पुल पर चल रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण बड़ी संख्या में ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया है। रेलवे ने करीब 51 ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि 47 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है। ऐसे में 25 और 26 सितंबर को बिहार आने-जाने वाले यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लेने की सलाह दी गई है।
रेलवे के अनुसार, यह काम मोकामा के पास गंगा नदी पर बने मौजूदा राजेंद्र पुल के बगल में तैयार किए गए नए रेल पुल को रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए किया जा रहा है। नॉन-इंटरलॉकिंग का काम पूरा होने और नया पुल शुरू होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही को पहले की तरह सुचारु किया जा सकेगा। नया पुल अपर हाथीदह जंक्शन, रामपुर डुमरा, दिनकर ग्राम सिमरिया और बरौनी जंक्शन के मौजूदा रेल नेटवर्क को आपस में जोड़ेगा।
क्यों जरूरी है नया रेल पुल?
राजेंद्र पुल बिहार के प्रमुख रेल और सड़क संपर्क मार्गों में शामिल है। गंगा नदी पर बना यह करीब 1.9 किलोमीटर लंबा रेल-कम-रोड पुल मोकामा और बरौनी को जोड़ता है। यह पुल वर्ष 1959 से चालू है। मौजूदा पुल पर सिर्फ एक रेल लाइन है और इसे डबल करना संभव नहीं है। इसी वजह से भारतीय रेलवे ने वर्ष 2015-16 के रेल बजट में करीब 1491.47 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से इसके समानांतर डबल-लाइन रेल पुल को मंजूरी दी थी। अब यह नया पुल तैयार हो चुका है और इसे रेल नेटवर्क से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग का काम किया जा रहा है।
26 सितंबर को कई ट्रेनें रद्द
रेलवे की सूची के अनुसार 26 सितंबर को हावड़ा-मोकामा एक्सप्रेस, मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस, हावड़ा-जयनगर एक्सप्रेस, जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस, रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस, कोलकाता-जयनगर एक्सप्रेस, कोलकाता-सीतामढ़ी एक्सप्रेस, सहरसा-पटना इंटरसिटी, पटना-सहरसा इंटरसिटी, मुजफ्फरपुर-भागलपुर जनसेवा एक्सप्रेस, अजमेर-भागलपुर हमसफर, गोरखपुर-आसनसोल एक्सप्रेस, मालदा-नई दिल्ली एक्सप्रेस, हावड़ा-दरभंगा एक्सप्रेस, जयनगर-पटना एक्सप्रेस और पटना-जयनगर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनें प्रभावित हैं।
इसके अलावा पुरी-पटना एक्सप्रेस, गोरखपुर-रांची एक्सप्रेस, झांसी-कोलकाता सुपरफास्ट, बिलासपुर-बक्सर सुपरफास्ट, आरा-बनारस मेमू और बनारस-आरा मेमू समेत कई अन्य ट्रेनों का परिचालन भी प्रभावित किया गया है। सूची में 25 सितंबर की कुछ ट्रेनें भी शामिल हैं, जिनका परिचालन नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के चलते प्रभावित हुआ।
47 ट्रेनों का बदला गया रूट
सिर्फ ट्रेनें रद्द ही नहीं हुई हैं, बल्कि कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को वैकल्पिक मार्ग से चलाया जा रहा है। इनमें अमृतसर-हावड़ा मेल, हावड़ा-विभूति एक्सप्रेस, पटना-जसीडीह एक्सप्रेस, पटना-दुमका एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, महानंदा एक्सप्रेस, पटना-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत, पूर्वा एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, सियालदह-बलिया एक्सप्रेस, आरा-न्यू जलपाईगुड़ी कैपिटल एक्सप्रेस और भागलपुर-आनंद विहार गरीब रथ जैसी ट्रेनें शामिल हैं।
रूट डायवर्जन के कारण कई ट्रेनों का कुछ प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव भी प्रभावित हुआ है। उदाहरण के तौर पर अमृतसर-हावड़ा मेल को बदले हुए मार्ग से चलाया गया है और मोकामा में इसका ठहराव प्रभावित है। हावड़ा-विभूति एक्सप्रेस के मामले में मोकामा और बाढ़ जैसे स्टेशन प्रभावित हैं। वहीं पटना-न्यू जलपाईगुड़ी वंदे भारत को पटना से आगे वैकल्पिक मार्ग से चलाने की जानकारी दी गई है।
इसके अलावा ब्रह्मपुत्र मेल, महानंदा एक्सप्रेस, जयनगर गरीब रथ, पूर्वा एक्सप्रेस, बाघ एक्सप्रेस, कैपिटल एक्सप्रेस, मौर्य एक्सप्रेस, पूर्वांचल एक्सप्रेस और पटना-धनबाद एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों को अलग-अलग वैकल्पिक मार्गों से चलाया गया है। कई ट्रेनों के निर्धारित मार्ग के प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव भी नहीं होने की जानकारी सूची में दी गई है।
यात्रियों को क्या करना चाहिए?
राजेंद्र पुल पर चल रहा यह कार्य रेल यातायात के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि नया डबल-लाइन पुल शुरू होने के बाद इस रेलखंड की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन काम के दौरान यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। जिन यात्रियों ने 25 या 26 सितंबर की यात्रा के लिए टिकट बुक किया है, उन्हें यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस, रूट और ठहराव जरूर जांच लेना चाहिए। खासकर पटना, मोकामा, बरौनी, बाढ़, जयनगर, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और इनसे जुड़े रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को रेलवे की ताजा सूचना देखकर ही स्टेशन के लिए निकलना चाहिए।
नॉन-इंटरलॉकिंग का काम पूरा होने के बाद नए समानांतर डबल-लाइन पुल को नेटवर्क में शामिल किया जाएगा। इससे पुराने राजेंद्र पुल पर निर्भरता कम होगी और इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर भविष्य में ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। फिलहाल यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यही है कि रद्द और डायवर्ट ट्रेनों की सूची देखकर अपनी यात्रा की योजना बनाएं।




