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Patna News: कार्यपालक सहायक ने किसके कहने पर बनाया था डॉग बाबू' के नाम से निवास प्रमाण पत्र? राजनीतिक साजिश की आशंका

Patna News: बिहार के पटना जिले में एक कुत्ते के नाम पर निवास प्रमाण पत्र बनाए जाने का मामला सामने आया है। आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसकी राजनीतिक नेताओं से बातचीत की पुष्टि हुई है। प्रशासन अब पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है।

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पटना न्यूज
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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Patna News: राजधानी पटना जिले के मसौढ़ी अंचल में एक कुत्ते के नाम पर निवास प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में कार्यपालक सहायक मिंटू कुमार निराला को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिसने जानबूझकर 'डॉग बाबू' के नाम से प्रमाण पत्र जारी किया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कराया।


दरअसल, जांच में सामने आया है कि मिंटू निराला की ड्यूटी मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य के लिए अनुमंडल कार्यालय में लगी थी। लेकिन 15 जुलाई की सुबह 9:41 बजे वह अंचल कार्यालय पहुँचा और कुत्ते के नाम से निवास प्रमाण पत्र का आवेदन अपने ही कंप्यूटर से अपलोड कर दिया। इसके बाद उसने एक साथ 300 आवेदनों का बैच तैयार कर उन्हें राजस्व अधिकारी के पास स्वीकृति के लिए भेजा। इन 300 में से एक आवेदन 'डॉग बाबू' का था। राजस्व अधिकारी ने बिना किसी भौतिक या डिजिटल सत्यापन के सभी आवेदनों को सिंगल क्लिक में अप्रूव कर दिया।


मिंटू ने जब देखा कि आवेदन पास हो गया है, तो उसने कुत्ते के नाम वाला प्रमाण पत्र डाउनलोड कर लिया और इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी कर्मचारी मिंटू कुमार निराला के कुछ नेताओं से मोबाइल पर संपर्क थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) से यह साफ हुआ है कि उसकी राजनीतिक दलों से बातचीत हो रही थी। अब जांच इस दिशा में भी हो रही है कि कहीं यह किसी राजनीतिक साजिश या प्रशासनिक शरारत का हिस्सा तो नहीं था।


इस घटना के बाद पटना जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी प्रकार का जाति, आय, निवास या अन्य प्रमाण पत्र बिना सत्यापन के स्वीकृत नहीं किया जाएगा। यह मामला केवल पटना तक सीमित नहीं है। इसी तरह के फर्जी प्रमाण पत्र नवादा, मुंगेर और मोतीहारी जिलों में भी पकड़े गए हैं। प्रशासन को आशंका है कि इसके पीछे एक संगठित रैकेट काम कर रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह एक साइबर-प्रशासनिक चूक के साथ-साथ संभव राजनीतिक चाल भी हो सकती है। जांच टीम को निर्देश दिए गए हैं कि इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की गहराई से छानबीन की जाए।