ब्रेकिंग
Bankipur By Election 2026: बांकीपुर में वोटिंग ने तोड़ा 16 साल का रिकॉर्ड, सिर्फ 34.30% मतदान; किसे होगा फायदा?Bihar Rain Alert: आज इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, घर से निकलने से पहले पढ़ें मौसम अपडेटसीतामढ़ी में पति-पत्नी की रहस्यमयी मौत से सनसनी, मंदिर का प्रसाद खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयतबस ड्राइवर के घर से 15 KG सोना और 28.5 करोड़ कैश बरामद, पत्थर कारोबारी गिरफ्तारबांकीपुर उपचुनाव के बाद रोहिणी आचार्य का BJP पर हमला, मतदान में धांधली और हिंसा के लगाए आरोपBankipur By Election 2026: बांकीपुर में वोटिंग ने तोड़ा 16 साल का रिकॉर्ड, सिर्फ 34.30% मतदान; किसे होगा फायदा?Bihar Rain Alert: आज इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश, घर से निकलने से पहले पढ़ें मौसम अपडेटसीतामढ़ी में पति-पत्नी की रहस्यमयी मौत से सनसनी, मंदिर का प्रसाद खाने के बाद बिगड़ी थी तबीयतबस ड्राइवर के घर से 15 KG सोना और 28.5 करोड़ कैश बरामद, पत्थर कारोबारी गिरफ्तारबांकीपुर उपचुनाव के बाद रोहिणी आचार्य का BJP पर हमला, मतदान में धांधली और हिंसा के लगाए आरोप

Bihar News: बिहार में पुलों के विस्तार से विकास को मिली नई रफ्तार, गंगा-सोन-गंडक-कोसी पर तेजी से हो रहा निर्माण

Bihar News: बिहार में पुलों का तेजी से विस्तार हो रहा है। गंगा, सोन, गंडक और कोसी नदियों पर नए पुलों का निर्माण राज्य के विकास को नई गति दे रहा है। यह पुल उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने के साथ-साथ आर्थिक-सामाजिक प्रगति में सहायक बन रहे हैं।

Bihar News
प्रतिकात्मक
© google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार अब पुलों का प्रदेश बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 2005 में सत्ता संभालने के बाद से पुल निर्माण में ऐतिहासिक तेजी आई है। पिछले दो दशकों में गंगा, सोन, गंडक और कोसी नदियों पर 15 बड़े पुल बनकर तैयार हो चुके हैं, जबकि 21 पुलों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। 


हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा नदी पर बने 6 लेन वाले औंटा-सिमरिया पुल का उद्घाटन किया। यह पुल देश का सबसे चौड़ा पुल है, जिसकी लंबाई 8.15 किलोमीटर है। इसके चालू हो जाने से उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच संपर्क और मजबूत हुआ है। राज्य के अधिकांश जिलों में नदियों के जाल के कारण आवागमन लंबे समय से चुनौती रहा है। तीन घंटे में पटना पहुंचने के मुख्यमंत्री के लक्ष्य को पूरा करने के लिए नदियों पर मजबूत पुलों का निर्माण जरूरी है।


गंगा नदी पर फिलहाल 8 पुल चालू हैं। नौ पुलों का निर्माण चल रहा है, जबकि तीन और नए पुलों की योजना पर काम शुरू हो गया है। इनमें औंटा-सिमरिया पुल राज्य की जीवनरेखा बनकर उभरा है। सोन नदी पर अब तक पांच पुल बन चुके हैं। एक का निर्माण जारी है और दो और पुलों की मंजूरी मिल चुकी है। नया सातवां पुल कोइलवर से 10 किलोमीटर दूर बिंदौल और कोशीहान के बीच बनेगा। वहीं, छठा पंडुका घाट पुल डेहरी ऑन सोन से अकबरपुर-सदुनाथपुर मार्ग को जोड़ेगा। इससे न केवल बिहार बल्कि उत्तर प्रदेश के लोगों को भी सीधा फायदा मिलेगा।


गंडक नदी पर सात पुल तैयार हैं। तीन और निर्माणाधीन हैं तथा चार नए प्रस्तावित हैं। दूसरी ओर कोसी नदी पर अब तक 4 पुल बन चुके हैं और 3 पुल निर्माणाधीन हैं। खासकर मधुबनी जिले के भेजा से सुपौल के बकौर तक बनने वाला पुल पूरे देश का सबसे लंबा पुल होगा। 10.02 किलोमीटर लंबे इस पुल का निर्माण भारतमाला परियोजना के तहत लगभग 1200 करोड़ की लागत से हो रहा है। इसके चालू होते ही मधुबनी और सुपौल की दूरी 30 किलोमीटर घट जाएगी और यातायात में क्रांतिकारी सुधार आएगा।


बिहार में पुलों का यह विस्तार न सिर्फ परिवहन व्यवस्था को सुगम बना रहा है, बल्कि राज्य की आर्थिक और सामाजिक प्रगति की नई राह खोल रहा है। आने वाले वर्षों में जब ये सभी पुल तैयार हो जाएंगे, तब तीन घंटे में पटना का सपना हकीकत बन जाएगा।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता