पटना/बाढ़: बिहार के पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। अथमलगोला थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव में एक घर के अंदर कथित तौर पर मिनी गन फैक्ट्री चल रही थी। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने यहां छापेमारी कर चार लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से एक निर्मित देशी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां, बड़ी संख्या में अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए हैं।पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि हथियार निर्माण का काम किसी सुनसान ठिकाने पर नहीं, बल्कि धरमपुर गांव स्थित एक घर में कथित तौर पर चल रहा था।
गुप्त सूचना पर पुलिस ने घेरा घर
बाढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आयुष श्रीवास्तव के अनुसार, 6 सितंबर 2026 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अथमलगोला थाना क्षेत्र के धरमपुर गांव में सागर कुमार के घर पर कुछ लोग अवैध तरीके से देशी पिस्टल बनाने का काम कर रहे हैं। सूचना मिलते ही वरीय अधिकारियों को इसकी जानकारी दी गई और तत्काल पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम ने बताए गए स्थान की घेराबंदी कर अचानक छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। तलाशी के दौरान पुलिस को हथियार और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री मिली।
चार आरोपी गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में धरमपुर निवासी सागर कुमार (करीब 28 वर्ष) के अलावा मुंगेर जिले के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के मिर्जापुर बरघा निवासी मो. सनाउर (करीब 35 वर्ष), मो. वसीम (करीब 40 वर्ष) और मो. मुस्तकीम (करीब 42 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में मुंगेर के रहने वाले लोगों की मौजूदगी भी सामने आई है। ऐसे में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार बनाने का यह काम कितने समय से चल रहा था और इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका है या नहीं।
एक पिस्टल, चार गोलियां और 90 हजार रुपये बरामद
पुलिस ने मौके से 7.65 एमएम की एक देशी पिस्टल, चार जिंदा गोलियां और 90 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा एक रेडमी मोबाइल फोन भी पुलिस के हाथ लगा है। सबसे बड़ी बरामदगी हथियार निर्माण से जुड़ी सामग्री की है। पुलिस के अनुसार मौके से 12 अर्धनिर्मित पिस्टल बैरल, आठ अर्धनिर्मित पिस्टल के बट और बॉडी, चार अर्धनिर्मित पिस्टल स्लाइड तथा दो अर्धनिर्मित मैगजीन बरामद की गई हैं।
इसके अलावा लोहे के स्प्रिंग, हथौड़ी, रेती, पेचकस, प्लास, हेक्सा ब्लेड, ड्रिल बिट, वाइस मशीन, लोहे की पट्टियां, पाइप, चदरा, रॉड, छेनी और अन्य कई औजार बरामद किए गए हैं। बरामद सामान की लंबी सूची से पुलिस को हथियार निर्माण के लिए इस्तेमाल किए जा रहे सेटअप का अंदाजा लगा है।
मुंगेर कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस
अवैध हथियार निर्माण के मामले में मुंगेर के तीन लोगों की गिरफ्तारी ने जांच को और महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों के बीच किस तरह का संपर्क था और तैयार या अर्धनिर्मित हथियारों की सप्लाई कहां की जानी थी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद 90 हजार रुपये का हथियार निर्माण या बिक्री से कोई संबंध है या नहीं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस कथित मिनी गन फैक्ट्री से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
इस कार्रवाई में बाढ़ के एसडीपीओ आयुष श्रीवास्तव के नेतृत्व में अथमलगोला पुलिस और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गुप्त सूचना मिलने के बाद तेजी से कार्रवाई किए जाने के कारण हथियार बनाने में जुटे लोगों को मौके से गिरफ्तार किया जा सका।
फिलहाल पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध हथियार निर्माण का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसके तार कहां-कहां तक जुड़े हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि ग्रामीण इलाकों में घरों के भीतर अवैध हथियार निर्माण का खेल किस तरह चल रहा है। अब जांच के बाद ही साफ होगा कि धरमपुर की इस कथित मिनी गन फैक्ट्री के पीछे सिर्फ ये चार लोग थे या इसके पीछे कोई बड़ा हथियार सप्लाई नेटवर्क भी सक्रिय था।





