1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 30, 2025, 7:56:08 AM
PM मोदी को धमकी देने वाला गिरफ्तार - फ़ोटो Google
PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बिहार दौरे के दौरान व्हाट्सएप पर जान से मारने की धमकी मिलने से प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। 29 मई 2025 को दोपहर में प्रधानमंत्री कार्यालय को प्राप्त इस धमकी भरे संदेश ने सुरक्षा एजेंसियों को तुरंत हरकत में ला दिया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी, खुफिया ब्यूरो, और गृह मंत्रालय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिहार के भागलपुर पुलिस को इसकी जांच सौंपी। मात्र चार घंटे के भीतर भागलपुर के सुल्तानगंज से आरोपी समीर रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए।
भागलपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हृदयकांत के नेतृत्व में डीएसपी, टेक्निकल सेल, और सुल्तानगंज थाना की टीम ने कॉल डिटेल, लोकेशन ट्रेसिंग, और सिम रजिस्ट्रेशन डेटा की गहन पड़ताल की। पता चला कि धमकी वाला नंबर 71 वर्षीय बुजुर्ग मंटू चौधरी के नाम पर रजिस्टर्ड था। यह खुलासा हुआ कि आरोपी ने फर्जी पहचान या कागजात का इस्तेमाल कर सिम एक्टिवेट किया था, जिससे मामला साइबर फ्रॉड की गंभीर साजिश की ओर इशारा करने लगा।
इसके बाद पुलिस ने वीपीएन और व्हाट्सएप कॉल के जरिए भेजे गए मैसेज को ट्रेस कर समीर रंजन तक पहुंचने में कामयाबी हासिल की। समीर रंजन (35 वर्ष), सुल्तानगंज के महेशी गांव का निवासी, BCA ग्रेजुएट है और कोविड-19 महामारी से पहले एक निजी कंपनी में काम करता था। महामारी के बाद वह बेरोजगार हो गया, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई।
पूछताछ में समीर ने बताया कि बेरोजगारी, आर्थिक तंगी, और मानसिक तनाव ने उसे इस खतरनाक कदम की ओर धकेल दिया। उसने स्वीकार किया कि धमकी देने के पीछे कोई संगठित साजिश नहीं थी, बल्कि यह उसकी बेचैनी और हताशा का नतीजा था। पुलिस के अनुसार, समीर का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, लेकिन उसकी मानसिक अस्थिरता इस घटना की मुख्य वजह रही।
भागलपुर पुलिस की फुर्ती और टेक्निकल दक्षता ने इस मामले को तेजी से सुलझा लिया। SSP हृदयकांत ने पूरे ऑपरेशन की निगरानी की, और चार घंटे में आरोपी को पकड़ लिया। पुलिस अब समीर से गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई अन्य व्यक्ति या मकसद इस धमकी के पीछे शामिल नहीं है।