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अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट पर मांगा 1.5 लाख, नहीं देने पर कोरोना संक्रमित अधिकारी के शव के साथ लौटाया

BHAGALPUR : कोरोना के कहर के बीच कई जगहों से मानवता को शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आ रही है. लोग कोरोना के कहर से जूझ रहे परिवारों के साथ अमानविय व्यवहार कर रहे हैं. <p

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

BHAGALPUR : कोरोना के कहर के बीच कई जगहों से मानवता को शर्मशार कर देने वाली खबर सामने आ रही है. लोग कोरोना के कहर से जूझ रहे परिवारों के साथ अमानविय व्यवहार कर रहे हैं. 

ताजा मामला भागलपुर के बरारी शमशान घाट पर देखने को मिला. जहां कोरोना संक्रमित शव को अंतिम संस्कार के लिए शमशान घाट ले जाया गया पर घाट पर मौजूद लोगों ने अंतिम संस्कार के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग की गई. लेकिन परिजनों ने कोरोना की दुहाई देकर काफी मन्नत की लेकिन उनलोगों ने परिवार की एक न सुनी. जिसके बाद परिजन शव को वापस अस्पताल ले आए और शवगृह में रखा गया. फिर पुलिस के हस्तक्षेप के बाद देर रात शव को जलाया गया.

जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि  रविवार को एक वरीय अधिकारी का कोरोना से निधन हो गया था. वे भागलपुर में अकेले रहते थे. निधन के बाद उनके परिजन पटना से अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए भागलपुर पहुंचे, जहां से उनका शव अस्पताल मैनुअल के अनुसार शवदाह गृह ले जाया गया. लेकिन वहां घाट पर मौजूद लोगों ने अंतिम संस्कार कराने से पहले मौत का कारण पूछा और कोरोना का नाम सुनते ही  डेढ़ लाख रुपये की मांग की. जिसके बाद परिजन शव लेकर लौट गए. पुलिस की हस्तक्षेप के बाद देर रात शव को जलाया गया. ये हाल बरारी शमशान घाट का है. जहां दिन में अंतिम संस्कार के लिए मनमाना राशि की मांग की जाती है.