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बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच

Bihar News: बिहार में वाहन फिटनेस जांच को पारदर्शी बनाने के लिए ATS केंद्रों पर कैमरा निगरानी अनिवार्य, 15 मिनट में जांच पूरी करने का निर्देश।

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार में वाहनों की फिटनेस जांच को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए परिवहन विभाग ने सख्त कदम उठाया है। अब ऑटोमेटिक टेस्टिंग सेंटर (ATS) पर होने वाली हर जांच कैमरे की निगरानी में की जाएगी। यह फैसला जगतपुर स्थित ATS में गड़बड़ी की शिकायतों और मंत्रालय से मिली जांच रिपोर्ट के बाद लिया गया है।


मुख्यालय के निर्देश पर भागलपुर के जिला परिवहन पदाधिकारी जनार्दन कुमार ने तीन सदस्यीय निगरानी टीम का गठन किया है। इस टीम में एमवीआई राजीव रंजन, कुणाल कश्यप और डाटा ऑपरेटर पंकज कुमार शामिल हैं। टीम का काम फिटनेस जांच प्रक्रिया पर नजर रखना और किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकना होगा।


नई व्यवस्था के तहत फिटनेस जांच के दौरान हर गतिविधि कैमरे में रिकॉर्ड की जाएगी। इन रिकॉर्डिंग्स को डीवीडी या डिजिटल फॉर्म में कम से कम छह महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि भविष्य में किसी विवाद या शिकायत की स्थिति में प्रमाण उपलब्ध हो सके।


इसके अलावा, अब एक वाहन की फिटनेस जांच अधिकतम 15 मिनट में पूरी करनी होगी। इससे प्रक्रिया तेज होगी और लोगों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी। यदि कोई कर्मचारी जानबूझकर देरी करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, चेसिस नंबर, फोटो और अन्य तकनीकी जानकारी दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही वाहन की चारों ओर से तस्वीरें ली जाएंगी, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।


जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने में किसी भी तरह का दबाव, सिफारिश या अवैध लेन-देन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अगर ऐसा पाया गया, तो संबंधित कर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


निगरानी टीम को हर सप्ताह अपनी रिपोर्ट देनी होगी, जिससे अधिकारियों को लगातार अपडेट मिलता रहेगा और समय पर आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे। इस नई व्यवस्था से उम्मीद है कि फिटनेस जांच में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनियमितताओं पर अंकुश लगेगा। 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता