Bhagalpur News : भागलपुर जिले के मधुसूदनपुर थाना क्षेत्र के भीमकित्ता गांव में शुक्रवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान भारी बवाल हो गया। मारपीट के एक मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों द्वारा पथराव किए जाने की घटना सामने आई है। स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गांव निवासी विकास यादव और समीर यादव को गिरफ्तार कर लिया। घटना के बाद इलाके में देर रात तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मधुसूदनपुर थाना की टीम को सूचना मिली थी कि मारपीट मामले के आरोपी गांव में मौजूद हैं। इसी आधार पर पुलिस रात में गिरफ्तारी के लिए भीमकित्ता गांव पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने टीम का विरोध शुरू कर दिया और देखते ही देखते पुलिस पर पत्थरबाजी होने लगी। इस हमले में पुलिसकर्मियों को हल्की चोटें आने की भी बात कही जा रही है। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त बल बुलाया गया, जिसके बाद पुलिस ने मौके से दो लोगों को हिरासत में ले लिया।
वहीं दूसरी ओर, गिरफ्तार आरोपियों के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विकास यादव की पत्नी प्रीति कुमारी ने आरोप लगाया कि देर रात भारी संख्या में पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खुलवाने का दबाव बनाने लगे। परिजनों का कहना है कि जब उन्होंने पुलिस से आने का कारण पूछा तो कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। इसी वजह से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घर का दरवाजा नहीं खोला गया।
प्रीति कुमारी का आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने जबरन दरवाजा तोड़कर घर में प्रवेश किया और घर में मौजूद महिलाओं व बच्चों के साथ मारपीट की। परिजनों के मुताबिक इस दौरान आशा भारती, बबिता कुमारी और सात वर्षीय बच्ची परी कुमारी भी घायल हो गईं। परिवार का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने घर में तोड़फोड़ भी की।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने घर में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर अपने साथ ले लिया। उनका कहना है कि पुलिस अपनी कार्रवाई के सबूत मिटाने के उद्देश्य से DVR को तोड़कर साथ ले गई। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही यह भी कहा कि अब तक उन्हें स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है कि विकास यादव किस मामले में आरोपी हैं।
घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों में पुलिस कार्रवाई को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि पुलिस प्रशासन ने कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस टीम पर हमला करने के मामले में भी अलग से प्राथमिकी दर्ज की जा सकती हैफिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हुई है। वहीं ग्रामीण और परिजन पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। मामले ने इलाके में कानून-व्यवस्था और पुलिस कार्यशैली को लेकर नई बहस छेड़ दी है।





