1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 25, 2025, 2:32:10 PM
पशु चिकित्सालय में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं - फ़ोटो REPORTER
BHAGALPUR: भागलपुर जिले के नारायणपुर प्रखंड से एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका कर रख दिया। नारायणपुर गांव की बुजुर्ग महिला मदीना खातून की बकरी को कुत्ते ने काट लिया। जिसके बाद आनन-फानन में वो अपनी पालतू बकरी को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) नारायणपुर पहुँच गईं। बकरी को कुत्ते के काटने के बाद उसे वेटरनरी हॉस्पिटल ना ले जाकर महिला उसे इंसानों के अस्पताल में इंजेक्शन लगाने पहुंच गयी।
स्वर्गीय अलाउद्दीन की पत्नी मदीना खातून बकरी को लेकर सीधे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गई और सीएचसी के डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों से बकरी को इंजेक्शन देने की गुहार लगाने लगी। महिला की बातें सुनकर डॉक्टर भी हैरान रह गये। क्योंकि जानवरों का इलाज पशु चिकित्सालय में किया जाता है लेकिन वो आदमी के अस्पताल में अपनी बकरी को इंजेक्शन लगाने पहुंची थी।
स्वास्थ्य कर्मियों ने बुजुर्ग महिला को समझाया कि जिस अस्पताल वो बकरी को इंजेक्शन लगवाने पहुंची है, यहां केवल मानव का इलाज होता है, बकरी का इलाज नहीं होता। बकरी का इलाज कराना है तो वो पशु चिकित्सालय में जाए। यह सुनकर मदीना खातून कुछ देर के लिए मायूस हो गईं। बकरी के प्रति सच्चे प्रेम का परिचय देते हुए उन्होंने अस्पताल में तैनात कर्मी से पशुओं के अस्पताल का पता पूछने लगी।
वही इस बात की जानकारी जब पशु चिकित्सक डॉ. रुस्तम कुमार रोशन को दी गयी तब उन्होंने बताया कि फिलहाल पशु चिकित्सालय में कुत्ते के काटने के बाद दी जाने वाली एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि इस विषय में राज्य मुख्यालय को जानकारी भेज दी गई है। जल्द ही इंजेक्शन उपलब्ध करायी जाएगी।
बकरी को इंजेक्शन दिलाने सीएससी पहुंचने का मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों के बीच इस बात की चर्चा होने लगी है कि मदीना खातून अपनी बकरी के लिए कितनी संवेदनशील है। बेजुबान पशु के लिए वो कितनी जिम्मेदार है। मदीना खातून की इस सादगी और संवेदनशीलता ने सभी का दिल छू लिया।


