Bihar News: बिहार के बेतिया जिले में वाल्मीकि टाइगर रिजर्व से सटे मंगुराहा वन परिक्षेत्र में बुधवार देर शाम बाघ के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। मृतक की पहचान कैरी खेखरिया टोला गांव निवासी 61 वर्षीय किशुन महतो के रूप में हुई है। घटना से आसपास के गांवों में दहशत फैल गई है।
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, किशुन महतो बुधवार दोपहर अपनी भैंसों को चराने के लिए अन्य चरवाहों के साथ पंडयी नदी किनारे गए थे। शाम करीब पांच बजे जब वे पशुओं को लेकर लौट रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। बाघ किशुन महतो को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया।
अचानक हुए हमले से अन्य चरवाहों में अफरा-तफरी मच गई और उन्होंने तुरंत गांव पहुंचकर इसकी सूचना दी। सूचना पर वन विभाग की टीम और सहोदरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे की तलाश के बाद रात आठ बजे जंगल से किशुन महतो का शव बरामद किया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है।
घटना के बाद कैरी, खेखरिया, महायोगीन, बलबल, सोफा और विशुनपुरवा गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि बाघ फिर से शिकार की तलाश में गांवों का रुख कर सकता है। इसी भय से लोग रतजगा कर रहे हैं और लाठी-डंडे के सहारे चौकसी में जुटे हुए हैं।
सहोदरा थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि शव बरामद कर लिया गया है और परिजनों की ओर से आवेदन मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वन संरक्षण सह निदेशक डॉ. नेशामनी ने कहा कि घटना की सूचना गांव के मुखिया ने दी थी, जिसके बाद विभागीय अधिकारी और कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे।
रिपोर्ट- संतोष कुमार, बेतिया





