BIHAR NEWS : गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (विजिलेंस) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एक चौकीदार को 9 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद बेलागंज थाना सहित पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में यह मामला सिर्फ चौकीदार तक सीमित नहीं दिख रहा है, बल्कि इसके तार सीधे थाने के एक सहायक पुलिस अवर निरीक्षक (ASI) से जुड़ते नजर आ रहे हैं। गिरफ्तार चौकीदार की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है। निगरानी विभाग के अधिकारियों के अनुसार वह एक पुराने आपराधिक मामले में नाम हटाने के एवज में रिश्वत की राशि वसूल रहा था।
केस से नाम हटाने के लिए मांगी गई थी रिश्वत
निगरानी विभाग के डीएसपी समीर चंद्र झा ने बताया कि बेलागंज थाना में दर्ज कांड संख्या 689/23, दिनांक 19 अक्टूबर 2023, एक जमीन विवाद से संबंधित मामला है। इस केस में पनारी गांव निवासी रविंद्र यादव के पुत्र का नाम हटाने के लिए कुल 12 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार पहले ही 3 हजार रुपये लिए जा चुके थे, जबकि शेष 9 हजार रुपये देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। लगातार हो रही मांग से परेशान होकर रविंद्र यादव ने पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
सत्यापन में सही मिला आरोप
शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने पूरे मामले का गोपनीय सत्यापन कराया। जांच के दौरान यह पाया गया कि शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही हैं और वास्तव में केस से नाम हटाने के बदले रिश्वत की मांग की जा रही थी।आरोपों की पुष्टि होने के बाद निगरानी विभाग ने विशेष टीम का गठन कर कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने बेलागंज थाना के समीप स्थित अस्पताल परिसर को ट्रैप के लिए चुना और वहां जाल बिछाया।
अस्पताल परिसर में बिछाया गया ट्रैप
पूर्व निर्धारित योजना के तहत शिकायतकर्ता रविंद्र यादव अस्पताल परिसर पहुंचा और चौकीदार मनीष कुमार को केमिकल लगे 9 हजार रुपये सौंप दिए। जैसे ही चौकीदार ने पैसे अपने कब्जे में लिए, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
अचानक हुई इस कार्रवाई से अस्पताल परिसर और थाना क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। विजिलेंस टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी चौकीदार को अपने कब्जे में ले लिया।
ASI अशोक कुमार की भूमिका जांच के घेरे में
मामले में सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब निगरानी विभाग की जांच में सामने आया कि गिरफ्तार चौकीदार केवल माध्यम के तौर पर काम कर रहा था। इस जमीन विवाद मामले के अनुसंधानकर्ता बेलागंज थाना के एएसआई अशोक कुमार हैं।
डीएसपी समीर चंद्र झा ने बताया कि जांच के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि चौकीदार मनीष कुमार एएसआई अशोक कुमार के कहने पर ही पैसे का लेन-देन कर रहा था। विभाग इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की गहन जांच कर रहा है।
पटना ले जाया गया आरोपी
निगरानी विभाग ने गिरफ्तार चौकीदार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए पटना ले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं एएसआई अशोक कुमार की भूमिका को लेकर भी जांच तेज कर दी गई है। डीएसपी समीर चंद्र झा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है और इस मामले में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद गया जिले के पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में आगे कौन-कौन लोग बेनकाब होते हैं और एएसआई अशोक कुमार के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।





