ब्रेकिंग
ललन सिंह के नाम और फर्जी हस्ताक्षर से सचिव को भेजा गया पत्र, केंद्रीय मंत्री ने की FIR और सख्त कार्रवाई की मांग पटना में बनने वाले मोदी मंदिर में 4 द्वारपालों की लगेंगी मूर्तियां, शाह-योगी-चिराग और सम्राट की भी चांदी की प्रतिमा!20 बिल्लियों की हत्या से मचा हड़कंप, ‘कैट किलर’ शिवा को पुलिस ने दबोचा ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने पर विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, फिल्म से हटाने की मांगसिविल ऑडिट ने पटना जिला जूनियर डिवीजन लीग- 2026- 27 का खिताब जीता, PDCA उपाध्यक्ष रहबर आबदीन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साहललन सिंह के नाम और फर्जी हस्ताक्षर से सचिव को भेजा गया पत्र, केंद्रीय मंत्री ने की FIR और सख्त कार्रवाई की मांग पटना में बनने वाले मोदी मंदिर में 4 द्वारपालों की लगेंगी मूर्तियां, शाह-योगी-चिराग और सम्राट की भी चांदी की प्रतिमा!20 बिल्लियों की हत्या से मचा हड़कंप, ‘कैट किलर’ शिवा को पुलिस ने दबोचा ‘मिर्जापुर: द मूवी’ के ‘शूरवीर’ गाने पर विवाद, दिल्ली हाईकोर्ट में PIL, फिल्म से हटाने की मांगसिविल ऑडिट ने पटना जिला जूनियर डिवीजन लीग- 2026- 27 का खिताब जीता, PDCA उपाध्यक्ष रहबर आबदीन ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह

सोनू-मोनू गिरफ्तारी विवाद में नया मोड़, वायरल वीडियो के बाद बरियारपुर पहुंचे डीआईजी

बेगूसराय के बरियारपुर में टॉप-10 अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी के दौरान वायरल वीडियो मामले ने नया मोड़ ले लिया है। डीआईजी शैलेश कुमार सिन्हा ने गांव पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।

बिहार न्यूज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

BEGUSARAI: बेगूसराय के बलिया थाना क्षेत्र के बरियारपुर गांव में टॉप-10 अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस कार्रवाई से जुड़ा कथित वायरल वीडियो अब पुलिस महकमे के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। आरोपी की कमर में पुलिसकर्मी द्वारा पिस्तौल रखने का दावा करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए रविवार को पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) शैलेश कुमार सिन्हा स्वयं बरियारपुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों और पुलिस अधिकारियों से पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली। डीआईजी ने गिरफ्तारी की परिस्थितियों, वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई से जुड़े विभिन्न पहलुओं की भी जानकारी हासिल की।


बताया जा रहा है कि डीआईजी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।


गौरतलब है कि शनिवार को बलिया थाना पुलिस ने टॉप-10 अपराधी सोनू सिंह और मोनू सिंह को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने भी आपत्ति जताई, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।


इससे पहले बलिया के डीएसपी सुबोध कुमार प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस का पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने वायरल वीडियो को भ्रामक बताते हुए कहा था कि छापेमारी के दौरान आरोपियों ने पुलिस टीम पर हथियार तान दिए थे, जिसके बाद काफी मशक्कत के बाद दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि किसी को फंसाने का सवाल ही नहीं उठता और बरामद हथियार आरोपियों से ही छीने गए थे।


फिलहाल डीआईजी के निरीक्षण के बाद पूरे मामले पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच के बाद पुलिस मुख्यालय की ओर से क्या निष्कर्ष सामने आता है और वायरल वीडियो को लेकर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।

टैग्स
रिपोर्टिंग
H

रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता