Bihar Bomb Threat: बेगूसराय नगर थाना क्षेत्र स्थित मुख्य प्रधान डाकघर में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कार्यालय के ईमेल पर बम से उड़ाने की धमकी वाला संदेश मिला। सूचना मिलते ही पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया।
एहतियातन तीन मंजिला प्रधान डाकघर की पूरी बिल्डिंग को खाली करा दिया गया और बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वायड, नगर थाना एवं साइबर थाना की टीम मौके पर पहुंचकर सघन जांच में जुट गई। घटना की जानकारी मिलते ही साइबर डीएसपी इमरान अहमद स्वयं मौके पर पहुंचे और लैपटॉप के माध्यम से धमकी भरे ईमेल की तकनीकी जांच की। इसके बाद पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।
साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 10 बजे प्रधान डाकघर के ईमेल पर धमकी भरा मेल प्राप्त हुआ, जिसमें दिन के समय डाकघर को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। ईमेल में पैगंबर साहब के खिलाफ कथित टिप्पणी का जिक्र करते हुए धमकी दी गई थी।
हालांकि तकनीकी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि यह ईमेल विशेष रूप से बेगूसराय के लिए नहीं भेजा गया था। डीएसपी ने बताया कि यह 15 जुलाई का पुराना ईमेल है, जो सबसे पहले आरपीओ (रीजनल पोस्ट ऑफिस), पटना को प्राप्त हुआ था। इसके बाद आरपीओ पटना से यह मेल विभिन्न डाक कार्यालयों, पुलिस कार्यालयों और अन्य सरकारी कार्यालयों को फॉरवर्ड किया गया। इसी क्रम में यह ईमेल सोमवार को बेगूसराय प्रधान डाकघर तक पहुंचा।
उन्होंने बताया कि भले ही यह पुराना और फॉरवर्डेड ईमेल है, लेकिन सुरक्षा के मद्देनजर इसे पूरी गंभीरता से लिया गया। एहतियातन तीन मंजिला प्रधान डाकघर की पूरी बिल्डिंग को खाली करा दिया गया। सभी कर्मचारियों और आम लोगों को बाहर निकालकर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड द्वारा भवन के हर कमरे, गलियारे, रिकॉर्ड रूम, कूड़ेदान और अन्य स्थानों की गहन जांच की जा रही है।
मौके पर नगर थाना, साइबर थाना सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है। डाकघर के बाहर लोगों की भीड़ भी जुटी रही। सुरक्षा एजेंसियां पूरे परिसर की बारीकी से जांच कर रही हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जा सके।
फिलहाल किसी भी विस्फोटक सामग्री के मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने तक सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जाएगा। साथ ही ईमेल के स्रोत और उससे जुड़े अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच जारी है।
साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने स्पष्ट किया कि यह धमकी भरा ईमेल केवल बेगूसराय को नहीं, बल्कि आरपीओ पटना से फॉरवर्ड होकर कई कार्यालयों तक पहुंचा है। बावजूद इसके, किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे परिसर को खाली कराकर व्यापक जांच शुरू कर दी।





