1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Mar 31, 2026, 12:53:50 PM
अंचल अधिकारी की गिरफ्तारी की फाइल तस्वीर - फ़ोटो Google
Bihar Co Suspend: दो लाख रू रिश्वत लेते गिरफ्तार अंचल अधिकारी को सरकार ने कोई रिलीफ नहीं दिया है. जेल से निकलने के बाद सरकार ने निलंबन मुक्त किया इसके बाद आदेश निर्गत होने की तिथि से दोबारा निलंबित कर दिया है. बता दें, निगरानी ब्यूरो ने जब इस अंचल अधिकारी को घूस लेते गिरफ्तार किया था, तब सूबे भर के सीओ पटना की सड़कों पर उतर गए थे. तब सरकार ने सख्ती बरती थी. इसके बाद आंदोलनकारी सभी अंचल अधिकारी वापस लौटे थे.
सीओ और डाटा ऑपरेटर हुए थे अरेस्ट
निगरानी ब्यूरो ने 9 सितंबर 2025 को बेगूसराय जिले के डंडारी अंचल के तत्कालीन अंचल अधिकारी राजीव कुमार को ₹200000 रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया था. गिरफ्तारी के बाद निगरानी कोर्ट में पेश किया गया,जहां से सीओ को केंद्रीय कारा भागलपुर भेजा गया था. इस आरोप में इन्हें 5 अक्टूबर 2025 को निलंबित किया गया था. जेल से निकलने के बाद अंचल अधिकारी राजीव कुमार ने 26 नवंबर 2025 को विभाग में योगदान किया. इस तिथि से इनका योगदान स्वीकृत कर निलंबन मुक्त किया गया.
विभाग ने दुबारा किया निलंबित
चूंकि मामला रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तारी का है, लिहाजा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राजीव कुमार को आदेश निर्गत होने की तिथि से पुनः निलंबित कर दिया है. निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने 30 मार्च को यह आदेश जारी किया है.
रिश्वतखोरी के आरोपी को बचाने के लिए सड़क पर प्रदर्शन
9 सितंबर 2025 को बेगूसराय जिले के डंडारी प्रखंड के अंचल अधिकारी (सीओ) को विजिलेंस की टीम ने घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था.जैसे ही अंचल अधिकारी को निगरानी की टीम ने रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा, अंचलाधिकारियों का संघ बेचैन हो उठा. बेचैनी का आलम ऐसा कि भ्रष्टाचार के आरोपी अफसर को बचाने के लिए बिहार भर के अंचल अधिकारी पटना पहुंच गए थे. सीओ की गिरफ्तारी 9 सितंबर 2025 को हुई और 11 सितंबर, 2025 को राज्य भर के सीओ पटना में धरना पर बैठ गए. गर्दनीबाग में अलग-अलग जिलों से आए सैकड़ों की संख्या में अंचलाधिकारियों ने सड़कों पर उतर कर विजिलेंस ब्यूरो के खिलाफ नारेबाजी की थी. तब पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था.