नये साल की खुशियां मातम में बदली: दर्दनाक सड़क हादसे में घर के इकलौते चिराग की मौत, दो दोस्त घायल

बेगूसराय में कावर झील घूमकर लौट रहे तीन दोस्तों की बाइक एसएच–55 पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में गौरव कुमार (18) की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल और तीसरे को मामूली चोटें आईं। ट्रक चालक हिरासत में।

1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Thu, 01 Jan 2026 06:16:11 PM IST

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परिजनों में मचा कोहराम - फ़ोटो social media

BEGUSARAI: नये साल के पहले दिन बेगूसराय में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने जश्न के माहौल को मातम में बदल दिया। कांवर झील घूमकर लौट रहे तीन दोस्तों की बाइक मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरदिया मिडिल स्कूल के समीप एसएच–55 पर भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। तीसरे युवक को मामूली चोटें आई हैं।


मृतक की पहचान नयागांव थाना क्षेत्र के हांसपुर वार्ड–2 निवासी  राजा राम पंडित 18 वर्षीय पुत्र गौरव कुमार के रूप में हुई है। वहीं हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की पहचान लखन साह के पुत्र प्रेमचंद के रूप में की गई है, जिनका इलाज एक निजी क्लिनिक में चल रहा है। तीसरे युवक रामकिशोर महतो के पुत्र सुबोध कुमार को मामूली चोटें आई हैं।


ठेले से टकराई बाइक, फिर हाइवा ट्रक ने कुचला

घायल सुबोध कुमार ने बताया कि वह, गौरव कुमार और प्रेमचंद तीनों दोस्त एक ही बाइक से कावर झील घूमने गए थे। लौटने के दौरान हरदिया मिडिल स्कूल के पास सड़क किनारे खड़े एक ठेले से बाइक की टक्कर हो गई। टक्कर के बाद प्रेमचंद और सुबोध सड़क किनारे जा गिरे, जबकि गौरव कुमार बीच सड़क पर गिर पड़ा। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही एक हाइवा ट्रक ने गौरव कुमार को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।


ट्रक जब्त, चालक हिरासत में

हादसे में शामिल हाइवा ट्रक का नंबर BR-31GC-0746 बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। हादसा इतना भीषण था कि गौरव कुमार का शव सड़क पर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया था। सूचना मिलते ही मुफस्सिल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।


इकलौते बेटे की मौत से टूटा परिवार

घटना की खबर मिलते ही मृतक के घर में कोहराम मच गया। नववर्ष के दिन जहां लोग खुशियां मना रहे थे, वहीं एक परिवार के लिए यह दिन कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। गौरव कुमार अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और घर का अकेला चिराग था। उसके असमय निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक के पिता राजमिस्त्री का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बेटे की मौत के बाद पूरे परिवार के सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पूरे मोहल्ले में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है।