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एक सिपाही ऐसा भी: भीषण गर्मी के कारण कोर्ट में बेहोश हुआ कैदी, गोद में उठाकर कॉन्स्टेबल ने अस्पताल पहुंचाया

बेगूसराय कोर्ट में पेशी के दौरान बेहोश हुए कैदी करण कुमार को सिपाही अनिल कुमार ने स्ट्रेचर नहीं मिलने पर गोद में उठाकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिसकर्मी की इस मानवता और तत्परता की हर ओर सराहना हो रही है।

बिहार न्यूज
मानवता की मिसाल
© रिपोर्टर
Jitendra Vidyarthi
6 मिनट

BEGUSARAI: पुलिस को आमतौर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था के रूप में देखा जाता है, लेकिन बेगूसराय में एक सिपाही ने अपनी संवेदनशीलता, कर्तव्यनिष्ठा और मानवता का ऐसा परिचय दिया है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। कोर्ट में पेशी के दौरान अचानक बेहोश होकर गिरे एक कैदी को ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने तत्काल अस्पताल पहुंचाया और स्ट्रेचर नहीं मिलने पर उसे अपनी गोद में उठाकर इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। इस मानवीय पहल को लेकर लोगों द्वारा बेगूसराय पुलिस की जमकर सराहना की जा रही है।


मिली जानकारी के अनुसार बरौनी थाना क्षेत्र के मोसादपुर गांव निवासी नारायण महतो का 28 वर्षीय पुत्र करण कुमार पिछले करीब पांच महीने से एक मामले में न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है। गुरुवार को उसे एससी-एसटी कोर्ट में पेशी के लिए बेगूसराय न्यायालय लाया गया था। बताया जा रहा है कि कोर्ट में हाजिरी से पहले ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वह कोर्ट कक्ष में ही बेहोश होकर गिर पड़ा।


घटना के बाद न्यायालय परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी बीच ड्यूटी पर तैनात सिपाही अनिल कुमार ने तत्परता दिखाते हुए अन्य पुलिसकर्मियों के सहयोग से बेहोश कैदी को न्यायालय की तीसरी मंजिल से नीचे उतारा और बिना समय गंवाए ई-रिक्शा से इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया।


करण कुमार की बहन ने बताया कि करीब चार लाख रुपये के लेन-देन के विवाद में उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया कि न्यायालय से उसे जमानत मिल चुकी है, लेकिन निर्धारित राशि जमा नहीं होने के कारण वह अब तक जेल से बाहर नहीं आ सका है। गुरुवार को उसी मामले में उसकी पेशी थी, जहां उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। वहीं सिपाही अनिल कुमार ने बताया कि कैदी को जेल से पेशी के लिए न्यायालय लाया गया था। कोर्ट पहुंचने के कुछ ही देर बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचाने का फैसला लिया गया।


मानवता की सबसे बड़ी मिसाल सदर अस्पताल पहुंचने के बाद देखने को मिली। अस्पताल में तत्काल स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने पर सिपाही अनिल कुमार ने किसी प्रकार की देरी उचित नहीं समझी और बेहोश कैदी को अपनी गोद में उठाकर करीब 200 मीटर तक चलते हुए सीधे इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। इसके बाद चिकित्सकों ने तुरंत उसका इलाज शुरू किया। फिलहाल कैदी का उपचार जारी है और पुलिसकर्मी उसकी निगरानी में अस्पताल में मौजूद हैं।


इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस की जिम्मेदारी केवल अपराधियों को पकड़ने या कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की जान बचाने और मदद करने में भी पुलिस पीछे नहीं रहती। सिपाही अनिल कुमार की इस पहल की न्यायालय परिसर, अस्पताल और आम लोगों के बीच खूब प्रशंसा हो रही है।


कैदी चर्चित करण कुमार है, जो नकली डीएसपी बनकर हुआ था वायरल

गौरतलब है कि अस्पताल पहुंचाया गया कैदी करण कुमार वही युवक है जो खुद को डीएसपी बताकर रील बनाने और पुलिस अधिकारी का रौब झाड़ने के कारण पहले भी सुर्खियों में रह चुका है। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसमें वह खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों के बीच प्रभाव जमाने की कोशिश करता दिखा था।


पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2024 में भी वह एक मामले में गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद दिसंबर 2025 में साइबर थाना पुलिस ने उसे फिर गिरफ्तार किया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पुलिस को एक वीडियो मिला था, जिसमें काले रंग की स्कॉर्पियो पर पुलिस की फ्लैश लाइट, "DSP" लिखा साइन बोर्ड और पुलिस का स्टीकर लगा हुआ दिखाई दे रहा था। जांच में सामने आया कि वह खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को प्रभावित करता था।


इतना ही नहीं, दिसंबर 2025 में उसने खुद को डीएसपी बताकर दरोगा बहाली कराने के नाम पर एक युवक से 19 लाख 40 हजार रुपये की ठगी करने का भी आरोप झेला। मामले की जांच के दौरान तेघड़ा थाना पुलिस ने उसके घर पर छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद न्यायिक हिरासत में भेजे गए करण कुमार को गुरुवार को उसी मामले में पेशी के लिए कोर्ट लाया गया था, जहां अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा।


हालांकि उसके आपराधिक इतिहास से इतर, गुरुवार को बेगूसराय पुलिस के एक सिपाही द्वारा दिखाई गई मानवता ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सिपाही अनिल कुमार की तत्परता और संवेदनशीलता ने यह संदेश दिया है कि वर्दी के पीछे एक संवेदनशील इंसान भी होता है, जो जरूरत पड़ने पर किसी की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास करता है।एक सिपाही ऐसा भी: भीषण गर्मी के कारण कोर्ट में बेहोश हुआ कैदी, गोद में उठाकर कॉन्स्टेबल ने अस्पताल पहुंचाया

चर्चित करण कुमार, जो नकली डीएसपी बनकर हुआ था वायरलएक सिपाही ऐसा भी: भीषण गर्मी के कारण कोर्ट में बेहोश हुआ कैदी, गोद में उठाकर कॉन्स्टेबल ने अस्पताल पहुंचाया

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

HARERAM DAS

FirstBihar संवाददाता