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बांका जिला परिषद में निगरानी की छापेमारी से मचा हड़कंप, 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेते रिटायर्ड जेई और क्लर्क गिरफ्तार

Bihar Vigilance Raid: बांका जिला परिषद कार्यालय में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। रिश्वत लेते दो कर्मचारियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। कार्रवाई के दौरान कार्यालय का गेट बंद कर जांच की गई। जानिए पूरा मामला

बांका जिला परिषद में निगरानी की छापेमारी से मचा हड़कंप, 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेते रिटायर्ड जेई और क्लर्क गिरफ्तार
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Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar Vigilance Raid: बांका जिला परिषद कार्यालय में सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने अचानक छापेमारी कर 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेते एक अवकाश प्राप्त कनीय अभियंता और एक क्लर्क को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने कार्यालय का मुख्य गेट बंद करा दिया, जिसके बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया.


गिरफ्तार आरोपितों की पहचान अवकाश प्राप्त कनीय अभियंता ओमप्रकाश मंडल और जिला परिषद कार्यालय के क्लर्क जागेश्वर मंडल के रूप में हुई है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों पर एक काम के एवज में 1.26 लाख रुपये रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है.


जानकारी के अनुसार, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम सोमवार को दो वाहनों से बांका जिला परिषद कार्यालय पहुंची. टीम के कार्यालय में प्रवेश करते ही कार्रवाई शुरू कर दी गई. निगरानी अधिकारियों ने मुख्य गेट बंद करा दिया और किसी भी व्यक्ति को कार्यालय से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी.


कार्यालय के अंदर निगरानी टीम ने आरोपितों को रिश्वत की राशि के साथ पकड़ने की कार्रवाई पूरी की. दोनों के पकड़े जाने की खबर फैलते ही जिला परिषद कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई.


छापेमारी की जानकारी मिलते ही जिला परिषद कार्यालय के बाहर भी लोगों की भीड़ जुटने लगी. निगरानी की कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच पूरे मामले को लेकर चर्चा होती रही.


बताया गया कि कार्रवाई के समय जिला परिषद अध्यक्ष राजेंद्र यादव समेत कई अधिकारी और कर्मचारी कार्यालय में मौजूद थे. निगरानी टीम ने अपनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपितों को हिरासत में लिया.


प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, ओमप्रकाश मंडल और जागेश्वर मंडल पर किसी कार्य को कराने के एवज में 1.26 लाख रुपये रिश्वत लेने का आरोप है. निगरानी टीम ने दोनों को कथित रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.


गिरफ्तारी के बाद निगरानी अधिकारियों ने दोनों आरोपितों से पूछताछ शुरू कर दी है. टीम यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत की मांग किस काम के लिए की गई थी और इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं.


फिलहाल निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की कार्रवाई जारी है. मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है.