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Baba Bageshwar: 700 साल पुराने मठ में बाबा बागेश्वर सुनाएंगे हनुमंत कथा, माता सीता के साथ भगवान राम ने यहां किया था विश्राम

Baba Bageshwar: 700 साल पुराने राम-जानकी मठ में बाबा बागेश्वर का कार्यक्रम होगा। मान्यता है कि अयोध्या लौटने के समय श्रीराम ने यहां पर विश्राम किया था।

 Baba Bageshwar
700 साल पुराने मठ में बाबा बागेश्वर सुनाएंगे हनुमंत कथा
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Khushboo Gupta
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2 मिनट

Baba Bageshwar: माता जानकी से विवाह के बाद भगवान राम ने जिस जगह पर रुककर विश्राम किया था, उसी जगह पर स्थित मठ में आज से बागेश्वर धाम के पीठाधीश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बाबा बागेश्वर का कार्यक्रम होगा। गोपालगंज के भोरे प्रखंड के रामनगर स्थित राम जानकी मठ में आज बाबा बागेश्वर का आगमन होगा। वह हनुमंत कथा और दिव्य दरबार में श्रद्धालुओं को संबोधित करेंगे। बाबा के कार्यक्रम को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है।


राम जानकी मठ का इतिहास काफी पुराना है। इसके अलावे कई पौराणिक मान्यताएं भी हैं। रामनगर के राम जानकी मठ के बारे में बात करते हुए स्थानीय सरपंच और आयोजन समिति के सदस्य लालबाबू ने बताया कि जब भगवान श्री रामचंद्र जी की शादी हुई थी और जनकपुर मिथिला से उनका डोला चला था तो यहीं पर उन्होंने विश्राम किया था। जिसके कारण इस गांव का नाम रामनगर पड़ा और इसी रामनगर में राम और सीता जी का स्थान देकर पूजा होने लगी। इसके अलावा एक मठ का निर्माण किया गया। इसके बगल में जानकी जी की भी डोला रखी गयी, जिसका नाम जानकी नगर रखा गया।


इस मठ का इतिहास लगभग 700 साल पुराना है। इस मठ की 52 शाखाएं हैं। खबरों के मुताबिक हथुआ राज के पूर्वजों द्वारा इसका निर्माण कराया गया था। मठाधीश हेमकांत शरण जी महाराज ने 1991 में पुराने मठ का जीर्णोद्वार किया था। साल 2024 में अतिरुद्र महायज्ञ का आयोजन किया गया था। दक्षिण भारत से 2100 ब्राह्मण आए थे। उस वक्त महामंडलेश्वर जगतगुरु द्वारकाचार्य जी महाराज द्वारा भागवत कथा का आयोजन हुआ था। 60 एकड़ के बड़े भू-भाग में लगे इस पंडाल में भक्तों के बैठने की 2 लाख की क्षमता है। छह महीने में बागेश्वर धाम सरकार के लिए भवन निर्माण किया गया है, जिसमें तमाम सुविधा मौजूद है। जहां वे कथा के बाद रात्रि विश्राम करेंगे।

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

KHUSHBOO GUPTA

FirstBihar संवाददाता