ब्रेकिंग
Vikramshila Setu : विक्रमशिला सेतु पर बड़ा अपडेट! IIT रूड़की करेगा पुल की जांच, नवंबर तक फिर शुरू हो सकती है पूरी आवाजाहीBihar Teacher News : बिहार के गुरुजी सावधान! अब 3 दिन लेट हुए तो कटेगा 1 दिन का वेतन; नई हाजिरी व्यवस्था से वेतन पर असरBihar News : कटिहार में बड़ा हादसा: भैंस को बचाने में ट्रक से भिड़ी स्कॉर्पियो, सगाई से लौट रहे 7 लोग घायलबिहार के हज यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, 2027 से पटना से सीधे मदीना-जेद्दाह की उड़ान; अब नहीं जाना होगा दूसरे शहरPatna Metro : पटना मेट्रो की बड़ी सौगात! ISBT से मलाहीपकड़ी तक आज से दौड़ेगी मेट्रो, हजारों यात्रियों को मिलेगी राहतVikramshila Setu : विक्रमशिला सेतु पर बड़ा अपडेट! IIT रूड़की करेगा पुल की जांच, नवंबर तक फिर शुरू हो सकती है पूरी आवाजाहीBihar Teacher News : बिहार के गुरुजी सावधान! अब 3 दिन लेट हुए तो कटेगा 1 दिन का वेतन; नई हाजिरी व्यवस्था से वेतन पर असरBihar News : कटिहार में बड़ा हादसा: भैंस को बचाने में ट्रक से भिड़ी स्कॉर्पियो, सगाई से लौट रहे 7 लोग घायलबिहार के हज यात्रियों के लिए बड़ी सौगात, 2027 से पटना से सीधे मदीना-जेद्दाह की उड़ान; अब नहीं जाना होगा दूसरे शहरPatna Metro : पटना मेट्रो की बड़ी सौगात! ISBT से मलाहीपकड़ी तक आज से दौड़ेगी मेट्रो, हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत

सोन नदी पर बनेगा अस्थायी लोहे का पुल, बालू ढुलाई होगी आसान; शर्तों के साथ सरकार ने दी मंजूरी

Bihar News: अरवल में सोन नदी पर बालू परिवहन के लिए अस्थायी लोहे का पुल बनेगा. जल संसाधन विभाग ने पर्यावरण सुरक्षा शर्तों के साथ मंजूरी दी है.

Bihar News
प्रतिकात्मक तस्वीर
© AI
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar News: बिहार के अरवल जिले में बालू परिवहन को सुगम बनाने के लिए सोन नदी पर एक अस्थायी लोहे का पुल बनाया जाएगा। यह पुल अहियापुर गांव के पास प्रस्तावित है, जिससे बालू लदे वाहनों की आवाजाही आसान होगी और स्थानीय स्तर पर परिवहन की समस्या कम होने की उम्मीद है।


खनन विभाग की इस योजना को जल संसाधन विभाग ने सख्त शर्तों के साथ मंजूरी दी है। सबसे अहम शर्त यह है कि नदी के प्राकृतिक प्रवाह में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। साथ ही बाढ़ आने से पहले इस पुल को हटाना अनिवार्य होगा, ताकि पर्यावरण और सुरक्षा पर कोई असर न पड़े।


पुल के निर्माण में तकनीकी मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ बनने वाले मिट्टी के बांध की ऊंचाई एक मीटर से अधिक नहीं होगी और हर 30 मीटर पर ह्यूम पाइप लगाए जाएंगे, जिससे पानी का प्रवाह बाधित न हो। पूरे निर्माण कार्य की निगरानी की जाएगी और सभी नियमों का पालन खनन विभाग की जिम्मेदारी होगी।


यह पुल पूरी तरह अस्थायी और सीमित उपयोग के लिए होगा। इसका इस्तेमाल केवल बालू लदे वाहनों के लिए ही किया जा सकेगा। अन्य वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा और नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


सरकार ने बालू खनन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नदी से डेढ़ मीटर से अधिक गहराई तक बालू की कटाई नहीं की जाएगी, ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे। अवैध खनन पर नजर रखने और नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।


इस परियोजना में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। एक ओर जहां बालू ढुलाई को आसान बनाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नदी के प्राकृतिक प्रवाह और पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। इस पहल से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता