ARWAL: मानव तस्करी, बाल श्रम एवं महिलाओं और बच्चियों के शोषण पर रोक लगाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी विशेष अभियान 'ऑपरेशन नया सवेरा 3.0' के तहत अरवल जिले में बड़ी कार्रवाई की गई। संयुक्त छापेमारी अभियान के दौरान अरवल थाना क्षेत्र के जनकपुर धाम स्थित एक आर्केस्ट्रा समूह से 14 लड़कियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। वहीं मौके से आर्केस्ट्रा संचालक को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, राज्यभर में 1 जुलाई से 14 जुलाई, 2026 तक संचालित इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी, बाल श्रम, रेड लाइट क्षेत्रों तथा आर्केस्ट्रा समूहों में शोषण का शिकार हो रही महिलाओं एवं बालिकाओं की पहचान कर उन्हें सुरक्षित मुक्त कराना, उनके पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करना तथा इस अवैध कारोबार से जुड़े संगठित नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना है। इसी क्रम में 5 जुलाई को प्रशासन एवं पुलिस की संयुक्त टीम ने जनकपुर धाम में समकालीन छापेमारी की, जहां से 14 लड़कियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आर्केस्ट्रा संचालक प्रफूल प्रधान, पिता बिम्बार्धम प्रधान, निवासी झाडेवश्वरपुर, थाना माहंगा, जिला कटक (उड़ीसा) को गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और कहीं इसके तार अन्य जिलों या राज्यों से तो नहीं जुड़े हैं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने बताया कि रेस्क्यू की गई सभी लड़कियों को नियमानुसार संरक्षण प्रदान किया गया है। संबंधित विभागों के सहयोग से उनके पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है, ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा सके। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व कार्यपालक दंडाधिकारी वीर अभिमन्यु एवं जिला नियोजन पदाधिकारी भावना ने किया। अभियान में पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना प्रभारी मो. मुसीर आलम, पुलिस उपाधीक्षक ओम प्रकाश अरुण, महिला थानाध्यक्ष नीलमणि, अरवल थानाध्यक्ष दरवारी चौधरी सहित करपी, किंजर, कुर्था, वंशी, शहरतेलपा, रामपुरचौरम, परासी, कलेर, अनुसूचित जाति/जनजाति थाना तथा अन्य थानों के पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र पुलिस बल के जवान शामिल रहे।
जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मानव तस्करी, बाल श्रम और महिलाओं के शोषण के विरुद्ध यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी मानव तस्करी, बाल श्रम अथवा महिलाओं और बच्चों के शोषण से संबंधित कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि प्रत्येक सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी तथा दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।






