आरा: दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले आरा जंक्शन पर रविवार की सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब नई जलपाईगुड़ी से कटिहार के रास्ते आरा होकर नई दिल्ली जाने वाली महानंदा एक्सप्रेस गलत दिशा में बढ़ गई। बताया जा रहा है कि ट्रेन को बक्सर-डीडीयू रेलखंड के रास्ते दिल्ली की ओर रवाना होना था, लेकिन परिचालन के दौरान ट्रेन का सिग्नल कथित तौर पर सासाराम लाइन की ओर चला गया। इसके बाद ट्रेन उसी दिशा में आगे बढ़ गई और स्टेशन से करीब 200 मीटर की दूरी पर इंजन समेत दो बोगियां पटरी से उतर गईं।
गनीमत रही कि जिस वक्त यह घटना हुई, ट्रेन की रफ्तार काफी कम थी। यही वजह रही कि बड़ा हादसा टल गया और किसी यात्री के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि, इस घटना ने रेलवे के परिचालन और सिग्नल सिस्टम को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सुबह करीब 4:10 बजे आरा पहुंची थी ट्रेन
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक महानंदा एक्सप्रेस सुबह करीब 4:10 बजे आरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर पहुंची थी। यहां ट्रेन को निर्धारित रूट के अनुसार बक्सर होते हुए डीडीयू और फिर नई दिल्ली की ओर रवाना होना था।लेकिन ट्रेन के आगे बढ़ने के दौरान कथित तौर पर सिग्नल सासाराम लाइन की ओर चला गया। ट्रेन निर्धारित मार्ग के बजाय गलत दिशा में बढ़ने लगी। कुछ दूरी तय करने के बाद स्थिति बिगड़ गई और ट्रेन का इंजन तथा दो बोगियां अप लाइन में पटरी से उतर गईं।
कम स्पीड ने टाल दिया बड़ा खतरा
रेल हादसे की सबसे बड़ी राहत वाली बात यह रही कि ट्रेन उस समय तेज रफ्तार में नहीं थी। अगर ट्रेन की गति अधिक होती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। कम स्पीड के कारण ट्रेन को समय रहते नियंत्रित किया जा सका और किसी बड़े जान-माल के नुकसान से बचा जा सका। हादसे के बाद रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और ट्रैक तथा ट्रेन की स्थिति का जायजा लिया गया। पटरी से उतरे कोचों को लेकर भी तकनीकी टीमों ने जांच शुरू कर दी।
सिग्नल सिस्टम में गड़बड़ी या मानवीय चूक?
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर महानंदा एक्सप्रेस को गलत ट्रैक की ओर सिग्नल कैसे मिला? क्या सिग्नलिंग सिस्टम में तकनीकी खराबी थी या फिर परिचालन के दौरान मानवीय चूक हुई? इन तमाम सवालों के जवाब तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर घटना के कारणों की पड़ताल कर रही हैं। सिग्नलिंग सिस्टम, प्वाइंट और ट्रेन के परिचालन से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है।
स्टेशन प्रबंधन पर भी उठे सवाल
घटना के बाद स्टेशन स्तर पर भी जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी सामने आई है। मौखिक रूप से स्टेशन प्रबंधक एनके राय पर निलंबन की कार्रवाई शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में रेलवे की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच रिपोर्ट का इंतजार करना अहम होगा। जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि घटना तकनीकी खराबी की वजह से हुई, परिचालन संबंधी चूक से या दोनों कारणों ने मिलकर इस स्थिति को जन्म दिया।
बड़ा हादसा टलने के बाद रेलवे के सामने कई सवाल
आरा जंक्शन पर हुई यह घटना भले ही बड़े नुकसान के बिना टल गई हो, लेकिन इसने रेलवे के सुरक्षा इंतजामों पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। एक एक्सप्रेस ट्रेन का निर्धारित रूट से हटकर दूसरी लाइन की ओर बढ़ जाना बेहद गंभीर मामला माना जा रहा है।
फिलहाल रेलवे की तकनीकी और परिचालन टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही महानंदा एक्सप्रेस के गलत ट्रैक पर जाने और डिरेलमेंट की असली वजह सामने आएगी। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि हादसे में किसी यात्री की जान नहीं गई और एक संभावित बड़े रेल हादसे को समय रहते टाल दिया गया।





