Bihar Board News : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने राज्य के स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों छात्र-छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने नौवीं से 12वीं कक्षा तक अध्ययनरत सभी विद्यार्थियों के लिए ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (APAAR) आईडी बनवाना अनिवार्य कर दिया है। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) को पत्र भेजकर 30 जून तक हर हाल में अपार आईडी निर्माण का कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
बिहार बोर्ड के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से देशभर के विद्यार्थियों के लिए APAAR ID तैयार करने की योजना लागू की गई है। इसका उद्देश्य छात्रों का एक डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे उनकी शैक्षणिक जानकारी सुरक्षित और एकीकृत रूप में उपलब्ध रह सके। इसी कड़ी में बिहार बोर्ड ने भी इस प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आगामी 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के लिए पंजीकरण कराने वाले विद्यार्थियों के पास विद्यालय के U-DISE कोड के साथ APAAR ID होना आवश्यक होगा। यदि किसी छात्र का अपार आईडी नहीं बना होगा तो उसे पंजीकरण प्रक्रिया में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे छात्रों का बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन भी प्रभावित हो सकता है।
परीक्षा समिति ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों के माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के साथ बैठक कर इस कार्य की नियमित समीक्षा करें। जिन विद्यालयों में अभी तक सभी विद्यार्थियों का APAAR ID नहीं बन पाया है, वहां विशेष अभियान चलाकर 30 जून तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने को कहा गया है।
बोर्ड ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि U-DISE कोड वाले स्कूल अपने यहां अध्ययनरत नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों का APAAR ID निर्धारित समय सीमा के भीतर नहीं बनवाते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। ऐसे विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीयन से वंचित होना पड़ सकता है।
पंजीयन नहीं होने की स्थिति में छात्र-छात्राएं 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा का परीक्षा फॉर्म नहीं भर पाएंगे। इसका सीधा असर उनके शैक्षणिक भविष्य पर पड़ सकता है और वे संबंधित बोर्ड परीक्षा में शामिल होने से भी वंचित रह सकते हैं। इसलिए बिहार बोर्ड ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन से इस प्रक्रिया को गंभीरता से लेने की अपील की है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि APAAR ID छात्रों के लिए एक स्थायी डिजिटल पहचान के रूप में काम करेगी। इसके माध्यम से छात्र के शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी जानकारी को एक ही प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखा जा सकेगा। भविष्य में उच्च शिक्षा और विभिन्न सरकारी योजनाओं में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
बिहार बोर्ड ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे लंबित मामलों की पहचान कर जल्द से जल्द विद्यार्थियों का APAAR ID बनवाएं, ताकि किसी भी छात्र का पंजीकरण प्रभावित न हो और वह बिना किसी बाधा के आगामी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल हो सके।



