पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच जनता दल यूनाइटेड की सियासत में एक दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह पटना स्नातक सीट से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार के प्रचार में नजर नहीं आएंगे, लेकिन दूसरी तरफ तिरहुत स्नातक सीट पर पार्टी उम्मीदवार अभिषेक झा के लिए वह पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरेंगे। 21 अक्टूबर को ललन सिंह स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ मुजफ्फरपुर जाएंगे और अभिषेक झा के पक्ष में चुनाव प्रचार करेंगे।
ललन सिंह का यह कार्यक्रम ऐसे समय में हो रहा है, जब पटना स्नातक सीट पर जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार को लेकर पार्टी के भीतर ही सियासी चर्चा तेज है। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार चुनाव जीत चुके हैं और चौथी बार मैदान में हैं। पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। लेकिन इस बार उनके सामने विपक्षी उम्मीदवारों के साथ-साथ अंदरूनी समीकरण भी बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं।
नीरज के लिए प्रचार से दूरी क्यों?
पटना स्नातक सीट पर मोकामा विधायक अनंत सिंह खुलकर नीरज कुमार के विरोध में खड़े हैं। अनंत सिंह ने साफ तौर पर नीरज कुमार के समर्थन में प्रचार करने से दूरी बना ली है। वह जन सुराज समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में अपना समर्थन जता चुके हैं।
ऐसे में नीरज कुमार के लिए ललन सिंह का चुनाव प्रचार में नहीं उतरना राजनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, इसे सीधे तौर पर ललन सिंह और नीरज कुमार के बीच किसी विवाद से जोड़ना जल्दबाजी होगी, लेकिन चुनावी मैदान में इसकी चर्चा जरूर हो रही है। खास बात यह है कि ललन सिंह दूसरी स्नातक सीट पर पार्टी प्रत्याशी के लिए प्रचार करने जा रहे हैं। यानी पार्टी के एक उम्मीदवार के लिए वह मैदान में होंगे, जबकि नीरज कुमार के चुनाव क्षेत्र में उनका प्रचार कार्यक्रम फिलहाल सामने नहीं आया है।
21 अक्टूबर को मुजफ्फरपुर में दिखेगी जोड़ी
21 अक्टूबर को ललन सिंह स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के साथ मुजफ्फरपुर पहुंचेंगे। दोनों नेता तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी अभिषेक झा के समर्थन में प्रचार करेंगे। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात के साथ मतदाताओं से अभिषेक झा के पक्ष में मतदान करने की अपील की जाएगी।
तिरहुत में अभिषेक झा के लिए ललन सिंह और निशांत कुमार का एक साथ उतरना जेडीयू के लिए अहम माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के आखिरी दौर में बड़े नेताओं की मौजूदगी से पार्टी अपने उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
एक तरफ नीरज, दूसरी तरफ अभिषेक
बिहार की चार स्नातक सीटों पर हो रहे चुनाव में जेडीयू की रणनीति पर भी इस घटनाक्रम से नजरें टिक गई हैं। पटना में नीरज कुमार के सामने जहां अनंत सिंह की नाराजगी चर्चा में है, वहीं तिरहुत में पार्टी अपने प्रत्याशी अभिषेक झा को मजबूत करने के लिए वरिष्ठ नेताओं को उतार रही है।
यही वजह है कि ललन सिंह का कार्यक्रम राजनीतिक रूप से खास संदेश दे रहा है। सवाल यह नहीं है कि ललन सिंह अभिषेक झा का प्रचार क्यों कर रहे हैं, बल्कि चर्चा इस बात की है कि वह नीरज कुमार के प्रचार में क्यों नजर नहीं आ रहे हैं।हालांकि, पार्टी स्तर पर दोनों सीटों के लिए अलग-अलग चुनावी कार्यक्रम होना सामान्य भी हो सकता है। लेकिन जिस समय पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच सियासी खींचतान चल रही है, उसी समय ललन सिंह का तिरहुत में अभिषेक झा के लिए प्रचार करना इस पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना देता है।
नतीजे बताएंगे किस समीकरण का असर
अब चुनावी मैदान में असली परीक्षा उम्मीदवारों के साथ-साथ उनके समर्थन में खड़े नेताओं की भी होगी। पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार अपने पुराने चुनावी रिकॉर्ड के सहारे मैदान में हैं, जबकि उनके खिलाफ कई उम्मीदवार मुकाबले में हैं। वहीं तिरहुत में अभिषेक झा के लिए जेडीयू अपने बड़े नेताओं की सक्रियता बढ़ा रही है।
21 अक्टूबर का मुजफ्फरपुर कार्यक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा कि वहां ललन सिंह और निशांत कुमार एक साथ अभिषेक झा के लिए वोट मांगेंगे। दूसरी तरफ पटना में नीरज कुमार के प्रचार को लेकर पार्टी के भीतर और बाहर चल रही चर्चाओं पर भी सबकी नजर रहेगी।फिलहाल तस्वीर साफ है—ललन सिंह नीरज कुमार के लिए प्रचार करते नजर नहीं आएंगे, लेकिन अभिषेक झा के समर्थन में चुनावी मैदान में उतरेंगे। अब देखना होगा कि चुनाव के नतीजों में यह सियासी समीकरण कितना असर दिखाता है।





