- Bihar Special Trains : पर्व-त्योहारों के मौसम में बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दशहरा, दीपावली और छठ के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कई रूटों पर 11 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के परिचालन का फैसला किया है। इन ट्रेनों से बिहार का संपर्क हुबली, बेंगलुरु, नागपुर, उधना, अमृतसर, दिल्ली, गोरखपुर और टाटा जैसे प्रमुख शहरों से बेहतर होगा। यानी त्योहार में घर लौटने की तैयारी कर रहे यात्रियों को नियमित ट्रेनों के अलावा स्पेशल ट्रेनों का विकल्प भी मिलेगा।
खास बात यह है कि कई विशेष ट्रेनें बिहार के अलग-अलग शहरों तक पहुंचेंगी। इनमें मुजफ्फरपुर, सहरसा, समस्तीपुर, जयनगर, गोरखपुर और बक्सर जैसे स्टेशन शामिल हैं। रेलवे ने लंबी दूरी के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग दिनों और निर्धारित अवधि में इन ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई है।
इसी क्रम में गाड़ी संख्या 04312/04311 योगनगर ऋषिकेश-कोलकाता-योगनगर ऋषिकेश विशेष ट्रेन मुरादाबाद, वाराणसी, डीडीयू, गया और धनबाद के रास्ते चलेगी। इस ट्रेन से उत्तर भारत से बिहार और झारखंड होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
दक्षिण भारत से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए भी रेलवे ने महत्वपूर्ण व्यवस्था की है। हुबली से विशेष ट्रेन 24 अक्टूबर तक प्रत्येक मंगलवार को शाम 4:45 बजे रवाना होगी। यह ट्रेन पटना होते हुए अगले दिन दोपहर करीब 2:30 बजे मुजफ्फरपुर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन 16 अक्टूबर से 27 नवंबर के बीच प्रत्येक शुक्रवार को सुबह 8:40 बजे रवाना होगी। त्योहारों के दौरान दक्षिण भारत में रहने वाले बिहार के लोगों के लिए यह ट्रेन घर पहुंचने का एक अतिरिक्त विकल्प बन सकती है।
इसी तरह यशवंतपुर से सहरसा के बीच भी विशेष ट्रेन चलाई जाएगी। 11 से 29 नवंबर के बीच प्रत्येक रविवार को यशवंतपुर से सुबह 7 बजे ट्रेन खुलेगी और मंगलवार रात 8:20 बजे सहरसा पहुंचेगी। वापसी में 14 अक्टूबर से 2 दिसंबर तक प्रत्येक बुधवार को सहरसा से सुबह 5:55 बजे ट्रेन रवाना होगी। इससे कर्नाटक और बिहार के बीच त्योहारों के समय रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
मध्य भारत से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए भी राहत दी गई है। नागपुर से 21 अक्टूबर से 11 नवंबर के बीच प्रत्येक बुधवार को समस्तीपुर के लिए विशेष ट्रेन चलेगी। वहीं, 19 अक्टूबर से 30 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को छेहरटा से मुजफ्फरपुर के लिए ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। पंजाब से बिहार आने वाले यात्रियों के लिए अमृतसर-जयनगर के बीच विशेष ट्रेन भी संचालित होगी।
रेलवे की इस विशेष व्यवस्था का दायरा यहीं खत्म नहीं होता। नारंगी से गोरखपुर और टाटा से बक्सर के बीच भी स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी। इसके अलावा उधना-जयनगर के बीच ट्रेन का परिचालन होगा। इन ट्रेनों के चलने से बिहार के उन यात्रियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा, जो नौकरी, कारोबार या पढ़ाई के कारण दूसरे राज्यों में रहते हैं और त्योहार पर अपने गांव-घर लौटना चाहते हैं।
त्योहारों के दौरान सबसे बड़ी परेशानी लंबी दूरी की ट्रेनों में सीट मिलना होती है। सामान्य ट्रेनों में पहले से ही लंबी वेटिंग रहती है। ऐसे में स्पेशल ट्रेनों के परिचालन से यात्रियों के पास अतिरिक्त विकल्प होंगे। हालांकि यात्रियों को टिकट बुक करने से पहले ट्रेन के दिन, समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक व्यवस्था से जरूर जांच लेनी चाहिए।
पटना और आसपास के लोगों को भी बड़ी सौगात
रेलवे की स्पेशल ट्रेनों के साथ ही बिहार में सड़क परिवहन के मोर्चे पर भी सुविधा बढ़ाई जा रही है। पटना और आसपास के इलाकों के लिए इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन बढ़ाने की तैयारी है। केंद्र की ओर से बिहार को 27 नई पीएम इलेक्ट्रिक बसें मिली हैं। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अनुसार इनमें से 25 ई-बसों का परिचालन पटना और आसपास के क्षेत्रों में किया जा रहा है।
इन बसों का फायदा केवल पटना शहर तक सीमित नहीं रहेगा। इन्हें शहर से बाहर के रूटों पर भी चलाया जाएगा। पटना से मनेर, जानीपुर, हाजीपुर, नौबतपुर, जंदाहा, बिक्रम और जगनपुरा आईएसबीटी जैसे रूटों को इलेक्ट्रिक बस सेवा से जोड़ा जा रहा है।
बिहटा-अम्हारा, दानापुर शिवाला और जानीपुर के लिए 10-10 बसें चलेंगी। पालीगंज के लिए चार बसों का परिचालन होगा। वहीं नौबतपुर, मनेर, हाजीपुर-जंदाहा, आईएसबीटी जगनपुरा और बिक्रम के लिए दो-दो बसें चलाने की योजना है। यानी पटना से आसपास के कस्बों और प्रखंडों तक आने-जाने वाले यात्रियों को सार्वजनिक परिवहन का नया विकल्प मिलेगा। इसके अलावा बिहार के बस बेड़े में आठ पिंक बसें भी शामिल की गई हैं। इनमें कारगिल चौक से पालीगंज के लिए दो, दानापुर शिवाला के लिए तीन और जानीपुर के लिए तीन पिंक बसों का परिचालन होगा।
कुल मिलाकर त्योहारों से पहले बिहार के यात्रियों के लिए रेलवे और सड़क परिवहन, दोनों स्तर पर सुविधा बढ़ाई जा रही है। एक तरफ स्पेशल ट्रेनें दूसरे राज्यों से बिहार आने वाले लोगों की राह आसान करेंगी, तो दूसरी तरफ इलेक्ट्रिक बसें पटना और आसपास के इलाकों में रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत देंगी। दशहरा से छठ तक बढ़ने वाली भीड़ के बीच ये अतिरिक्त सेवाएं यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती हैं।





