पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव NDA के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। एक तरफ गठबंधन के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार चुनाव मैदान में हैं, तो दूसरी तरफ मोकामा विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से चर्चित अनंत सिंह ने अपने पसंदीदा प्रत्याशी के समर्थन में मोर्चा खोल रखा है। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बुलावे पर अनंत सिंह शुक्रवार को पटना स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या आज की बैठक के बाद अनंत सिंह की नाराजगी दूर होगी और NDA में चल रही यह खींचतान खत्म होगी?
दरअसल, मुख्यमंत्री आवास पर NDA विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में शामिल होने के लिए अनंत सिंह भी पहुंचे हैं। सीएम सम्राट के बुलावे पर अनंत सिंह का बैठक में पहुंचना इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से वह पटना स्नातक सीट को लेकर लगातार अपनी अलग रणनीति पर आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास पहुंचने के दौरान अनंत सिंह ने मीडिया से कोई बातचीत नहीं की। वह अपनी गाड़ी से सीएम आवास के बाहर उतरे और बिना रुके पैदल ही अंदर की ओर बढ़ गए। कैमरों के सामने भी उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। ऐसे में अब राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहा है कि क्या अनंत सिंह और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच आज कोई बड़ी बातचीत होने वाली है?
पटना स्नातक सीट को लेकर अनंत सिंह और NDA के आधिकारिक प्रत्याशी नीरज कुमार के बीच राजनीतिक अदावत किसी से छिपी नहीं है। अनंत सिंह लगातार नीरज कुमार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर करते रहे हैं। इसी बीच उन्होंने इस सीट पर अपने पसंदीदा उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया है। वह लगातार अपने समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं और अलग-अलग इलाकों में जाकर मतदाताओं से वोट की अपील कर रहे हैं।
हाल के दिनों में अनंत सिंह पटना, नवादा और नालंदा के अलग-अलग इलाकों में पहुंचकर अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन मांग चुके हैं। वह मतदाताओं से विरोधियों की जमानत जब्त कराने तक की अपील कर रहे हैं। इससे मामला सिर्फ व्यक्तिगत नाराजगी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका सीधा असर NDA के आधिकारिक उम्मीदवार की चुनावी रणनीति पर पड़ता दिख रहा है।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में करीब 88 हजार मतदाता हैं और इसमें पटना, नालंदा तथा नवादा जिले शामिल हैं। ऐसे में अनंत सिंह का अपने समर्थित उम्मीदवार के लिए खुलकर मैदान में उतरना NDA के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। अगर वोटों का बंटवारा होता है तो इसका सीधा फायदा विपक्षी उम्मीदवार को मिल सकता है।
यही वजह है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से बुलाई गई NDA विधायक दल की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है। बैठक में गठबंधन के भीतर चल रही नाराजगी, बागी तेवर और चुनावी रणनीति पर चर्चा हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अनंत सिंह को मनाने में कामयाब होंगे?
अनंत सिंह पहले भी यह संकेत दे चुके हैं कि वह अपने राजनीतिक फैसले को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के बुलावे पर उनका बैठक में पहुंचना इस बात का संकेत जरूर माना जा रहा है कि बातचीत की गुंजाइश अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री आवास के अंदर होने वाली इस बैठक में क्या फैसला निकलता है। क्या ‘छोटे सरकार’ की नाराजगी खत्म होगी? क्या अनंत सिंह अपने समर्थित उम्मीदवार से पीछे हटेंगे? या फिर पटना स्नातक सीट पर NDA के अंदर की यह लड़ाई चुनाव तक जारी रहेगी? फिलहा




