मुजफ्फरपुर: सीतामढ़ी जिले के बेलसंड से लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू सिंह की मुश्किलें रंगदारी, जालसाजी और जमीन पर कथित अवैध कब्जे से जुड़े मामलों में बढ़ती नजर आ रही हैं। मुजफ्फरपुर पुलिस अब दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट हासिल करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। साथ ही मामले में इस्तेमाल किए गए वाहनों की पहचान कर उन्हें जब्त करने और आरोपियों की संपत्ति की जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को प्रस्ताव भेजने की तैयारी भी की जा रही है।
मुजफ्फरपुर के एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के अनुसार, पुलिस ने मामले से जुड़े वीडियो साक्ष्य और केस डायरी को मजबूत करते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है। पुलिस की ओर से आज न्यायालय में वारंट के लिए अर्जी दाखिल किए जाने की बात कही गई है।
25 मामलों में 8 में विधायक और भाई नामजद
पुलिस के अनुसार, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी जिलों में दर्ज कुल 25 मामलों की जांच की जा रही है। इनमें से आठ मामलों में बेलसंड विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई अभिनव उर्फ सोनू सिंह नामजद बताए जा रहे हैं। विधायक के खिलाफ सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र में भी पहले से मामले दर्ज होने की बात सामने आई है।
पुलिस अब सभी मामलों के रिकॉर्ड को खंगालते हुए आरोपियों की भूमिका और आपराधिक गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच एजेंसियों का फोकस खासतौर पर जमीन विवाद के नाम पर कथित रंगदारी और दबाव बनाने वाले नेटवर्क पर है।
जेसीबी से तोड़े गए 25 मकान और बाउंड्री
मामले की सबसे बड़ी घटना 20 अगस्त की बताई जा रही है। आरोप है कि मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के झपहां इलाके में दोपहर के समय जेसीबी मशीन की मदद से करीब 25 लोगों के मकान और बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
पीड़ितों के अनुसार, कार्रवाई के दौरान 20 से अधिक बाइक और अन्य वाहनों पर 50 से ज्यादा लोग पहुंचे थे। आरोप है कि विधायक के भाई की गाड़ी पर लोजपा का झंडा लगा हुआ था। घटना के बाद पीड़ितों ने पुलिस को रंगदारी और धमकी दिए जाने की शिकायत दी।
“बॉस को रुपये देने होंगे” का आरोप
दर्ज प्राथमिकी और पीड़ितों के बयान के अनुसार, मकान और बाउंड्री तोड़ने पहुंचे लोगों ने कथित तौर पर कहा था कि इलाके में रहने या मकान बनाने के लिए “बॉस” को रुपये देने होंगे। पुलिस जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि आरोपी समूह विधायक और उनके भाई के लिए “बॉस” शब्द का इस्तेमाल करता था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कथित रूप से जमीन विवाद के नाम पर कोई संगठित प्रोटेक्शन या वसूली नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
छापेमारी के दौरान पुलिस से अभद्रता का आरोप
विधायक के ठिकानों पर छापेमारी के दौरान पुलिस टीम के साथ अभद्र व्यवहार और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में भी अहियापुर थाना में अलग से प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके अलावा, कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के भिखनपुरा में विधायक के रिश्तेदार कुणाल सिंह की तलाश में पहुंची पुलिस टीम के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला भी सामने आया। इस मामले में कुणाल सिंह, संतोष सिंह और अन्य लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
2017 के ब्लैंक हस्ताक्षरित स्टांप पेपर बरामद
पुलिस छापेमारी में विधायक के घर से वर्ष 2017 के ब्लैंक हस्ताक्षरित स्टांप पेपर और पार्टनरशिप से जुड़े कागजात मिलने का दावा कर रही है। पुलिस का मानना है कि इन दस्तावेजों की जांच से जालसाजी से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण साक्ष्य मिल सकते हैं।अब इन दस्तावेजों की सत्यता और उनके संभावित इस्तेमाल की जांच की जाएगी। पुलिस आरोपियों की संपत्ति की जांच और जरूरत पड़ने पर जब्ती की कार्रवाई के लिए आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU से सहयोग लेने की तैयारी में है।
पीड़ितों के कब्जे वाली जमीन पर चला था बुलडोजर
मुजफ्फरपुर के बोचहां अंचल अधिकारी की रिपोर्ट के अनुसार, जिस जमीन पर बुलडोजर चलाने और लोगों को धमकाने का आरोप है, वहां पीड़ित लोग वर्ष 2022 से आवासन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करते हुए जमीन की रसीद कटवा रहे हैं।एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा है कि जमीन कब्जे के नाम पर सक्रिय कथित प्रोटेक्शन गैंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और ऐसे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा।
जेसीबी, थार, स्कॉर्पियो और बाइक होंगे जब्त
पुलिस घटना में इस्तेमाल किए गए सभी वाहनों की पहचान कर रही है। एसएसपी के अनुसार, बाउंड्री और मकानों को तोड़ने की घटना में जेसीबी, थार, स्कॉर्पियो और एक दर्जन से अधिक बाइक का इस्तेमाल किया गया था। वाहनों का सत्यापन पूरा होने के बाद उन्हें जब्त करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि वाहनों के मालिक कौन हैं और घटना के समय उनका इस्तेमाल किसके निर्देश पर किया गया।
बेलसंड कार्यालय में दो अपराधी गिरफ्तार
इस पूरे मामले में पुलिस ने सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक कार्यालय पर भी कार्रवाई की थी। मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी पुलिस की संयुक्त छापेमारी में दो कथित अपराधियों को लोडेड पिस्तौल के साथ गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक के खिलाफ बेलसंड थाना में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मुजफ्फरपुर पुलिस अब उन्हें अन्य मामलों में रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।
विधायक बोले- सबूत मिला तो राजनीति छोड़ देंगे
छापेमारी के बाद विधायक अमित कुमार रानू ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। सोशल मीडिया और मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि पुलिस केवल हीरो बनने और मीडिया में दिखने के लिए उनके घर पहुंची है। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि पुलिस उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत पेश कर दे तो वह राजनीति छोड़ देंगे। छापेमारी के अगले दिन विधायक के पटना से दिल्ली रवाना होने की भी चर्चा रही, जिसके बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं। विधायक समर्थकों ने भी मुजफ्फरपुर पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
बीजेपी नेता अर्जुन राय ने कहा- कानून सबके लिए बराबर
बेलसंड विधायक के खिलाफ चल रही कार्रवाई पर पूर्व मंत्री और बीजेपी नेता अर्जुन राय ने कहा कि सम्राट चौधरी की सरकार में सांसद हो या विधायक, कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती करेगा तो कानून अपना काम करेगा और यही सुशासन की पहचान है।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी के पास भू-माफिया या कथित प्रोटेक्शन गैंग से जुड़ी कोई शिकायत या जानकारी है तो वह पुलिस को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में आने वाले हर आरोपी के खिलाफ साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी और दोष सिद्ध होने पर संपत्ति से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जाएगी।





