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BIHAR CRIME : स्मैक पीने से मना करना पड़ा महंगा, गुस्साए कर दिया एसिड अटैक; 14 जख्मी

BIHAR CRIME : बिहार के अररिया जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है। धामा पंचायत के मटियारी वार्ड नंबर एक में बुधवार की देर शाम हुए इस हादसे में स्मैक पीने के मामले को लेकर हुई हिंसक झड़प ने इलाके में सनसनी मचा दी

acid attack
acid attack
© FILE PHOTO
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

BIHAR CRIME : बिहार के अररिया जिले से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक खबर सामने आई है। धामा पंचायत के मटियारी वार्ड नंबर एक में बुधवार की देर शाम हुए इस हादसे में स्मैक पीने के मामले को लेकर हुई हिंसक झड़प ने इलाके में सनसनी मचा दी। इस घटना में एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों को तुरंत इलाज के लिए सदर अस्पताल अररिया में भर्ती कराया गया, जबकि कुछ घायलों को उनके आंखों में तेजाब लगने के कारण महादेव चौक स्थित आंखों के अस्पताल में विशेष इलाज के लिए भेजा गया। उपचार के बाद उन्हें पुनः सदर अस्पताल शिफ्ट कर दिया गया।


घटना की शुरुआती जानकारी के अनुसार, बुधवार की देर शाम गांव के रंजीत यादव के कामत पर कुछ युवक स्मैक पी रहे थे। इसी दौरान रंजीत यादव अपनी भैंस लेकर कामत के पास से घर लौट रहे थे। उन्होंने देखा कि कुछ युवक वहां स्मैक पी रहे हैं। रंजीत यादव ने युवकों को मना किया, लेकिन इस पर युवकों ने उनसे उलझना शुरू कर दिया और उनके साथ हाथापाई भी हुई। इसके बाद रंजीत घर लौट गए।


इस घटना की जानकारी पड़ोसियों को मिलते ही वे युवकों के घर के समीप पहुंचे, जहां स्थिति और बिगड़ गई। बातचीत के दौरान युवकों ने किसी तरह कमरे का दरवाजा बंद कर दिया और इस दौरान सुरेंद्र साह के बेटे महेश साह और एक महिला सहित कुछ अन्य लोगों ने घायलों पर तेजाब से हमला कर दिया। इस हमले में कई लोगों के शरीर और आंखों में तेजाब लगने के कारण उनकी हालत गंभीर हो गई।


घायलों में सुबोध यादव, पंकज यादव, नवीन यादव, दीपक यादव, सिंटू यादव, कुमोद यादव, मुनीलाल यादव, रंजीत यादव और प्रेम सागर सहित अन्य लोग शामिल हैं। घायलों में तीन लोगों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना के बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई। आरएस थाना पुलिस, टाउन थाना और सिमराहा थाना की टीमों के साथ-साथ एसडीपीओ सुशील कुमार मटियारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। उन्होंने घायलों और उनके परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली।


धाम पंचायत ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार लोगों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं, पूरे गांव में घटना के बाद दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग भयभीत हैं और कई परिवार अपने घरों के बाहर निकलने से भी डर रहे हैं।


यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं है, बल्कि गांव में कानून-व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करती है। स्मैक और अन्य नशे की लत से जुड़े मामलों में हिंसा की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है, और यह घटना उसी का एक दुखद उदाहरण है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि वे पूरी तफ्तीश कर रहे हैं और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।


घटना के तत्काल बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी और ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एसडीपीओ ने कहा कि अपराधियों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाया जाएगा और घायलों को उचित चिकित्सा सुविधा प्रदान की जाएगी।


इस पूरे घटनाक्रम ने अररिया जिले में लोगों को झकझोर दिया है। इलाके के लोग चाहते हैं कि ऐसे नशे से जुड़े हिंसक मामलों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन और पुलिस और अधिक सतर्क रहें। ग्रामीणों ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि वे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़ा कदम उठाएं और गांव में शांति बहाल करें।


इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि नशे और हिंसा की प्रवृत्ति के खिलाफ सामूहिक जागरूकता और सख्त कानून की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी ताकि भविष्य में इस तरह की भयावह घटनाओं को रोका जा सके।


कुल मिलाकर, अररिया के मटियारी वार्ड की यह घटना केवल एक स्थानीय विवाद नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि नशे और हिंसा से जुड़े मामलों पर गंभीर नजर रखने की जरूरत है। पुलिस की त्वरित कार्रवाई, घायलों का इलाज और दोषियों की पहचान इस मामले में प्राथमिक कदम हैं, लेकिन लंबे समय में इलाके में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए स्थायी उपायों की जरूरत है।