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फर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर, FIR से हटेंगे बेगुनाहों के नाम

DESK:  फर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर हुआ है. वैशाली पुलिस ने भगवानपुर थाना के अधिकारियों को हरिवंशपुर गांव में बेगुनाहों के खिलाफ दर्ज हुए मामले की जांच करने का आदेश दिया है. साथ ही

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DESK:  फर्स्ट बिहार की खबर का बड़ा असर हुआ है. वैशाली पुलिस ने भगवानपुर थाना के अधिकारियों को हरिवंशपुर गांव में बेगुनाहों के खिलाफ दर्ज हुए मामले की जांच करने का आदेश दिया है. साथ ही मामले की जांच के बाद बेगुनाहों के नाम को एफआईआर से हटाने का आदेश दिया है. हरिवंशपुर गांव में पुलिस ने सड़क जाम के आरोप में 39 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस ने इनके खिलाफ जो मामला दर्ज किया है उसमें नेशनल हाईवे को जाम करने का आरोप लगाया गया है। हरिवंशपुर गांव के यह वो लोग हैं जो अपने बच्चों की मौत के बाद गुस्से में सड़क पर आ गए थे। अपनी बेटी को चमकी बुखार की वजह से खो चुके राजेश सहनी कहते हैं कि उन्हें जानकारी मिली थी कि नीतीश कुमार मुजफ्फरपुर जा रहे हैं लिहाजा वह सड़क पर इस उम्मीद में आए थे शायद मुख्यमंत्री या अधिकारियों के सामने अपना दर्द बयां कर सकेंगे। लेकिन उल्टे पुलिस ने उन पर मामला दर्ज कर लिया। हद तो यह है कि पुलिस ने बिना समझे बुझे गांव के एक विकलांग व्यक्ति के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की है। यह हाल सुशासन की पुलिस का है जिसके नाक के नीचे अपराधी रोज दिन लूट और हत्या की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। बड़ा सवाल यह है कि जो सरकार बच्चों की मौत के बाद लोगों की आंख का आंसू नहीं पोंछ सकी क्या उसे पीड़ित परिवारों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई करनी चाहिए।  
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