ब्रेकिंग न्यूज़

Bhagalpur Shiv Corridor : बिहार का पहला शिव कॉरिडोर बनने का रास्ता साफ, इस जगह जल्द शुरू होगा काम Bihar politics news : जेल में बंद विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत: कोर्ट ने किया बरी, RJD प्रवक्ता बंटू सिंह भी निर्दोष करार दिए गए BPSC teacher recruitment : BPSC को नहीं मिल रही वेकेंसी, बिहार में आरक्षण रोस्टर में फंसी शिक्षकों की बहाली; पढ़िए क्या है पूरा अपडेट husband time sharing : पंचायत का अनोखा फैसला, पति को दो पत्नियों के बीच बंटवारा, इस दिन रहेगी छुट्टी Bihar news : पटना NEET छात्रा मौत मामले में SIT लगातार एक्टिव, ब्रह्मेश्वर मुखिया की बहू ने कहा - 26 तक है इंतजार, उसके बाद होगा... Bihar Police : मारब सिक्सर के 6 गोली..: इसी गाने पर डांस करती दिखीं बिहार की कई महिला जवान, पुलिस कैंप का वीडियो वायरल Patna NEET student case : बिना पर्चे कैसे मिली नींद की गोली, ट्रेन छोड़ स्कॉर्पियो से क्यों पटना आई छात्रा; SIT जांच में नया एंगल; जानिए नीट छात्रा मामले में क्या है नया अपडेट Patna encounter : पटना में लॉरेंस गैंग के गुर्गे का एनकाउंटर, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार; 36 से अधिक केस दर्ज Bihar Aaj Ka Mausam: बिहार में ठंड और कोहरे से राहत, अगले एक हफ्ते मौसम रहेगा साफ मुजफ्फरपुर: मनीष राज हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, कुख्यात कन्हाई ठाकुर समेत 6 गिरफ्तार

Vat savitri vrat 2025: क्यों करती हैं सुहागनें वट वृक्ष की पूजा? जानिए पौराणिक कथा

Vat savitri vrat 2025: वट सावित्री व्रत 2025 इस वर्ष 26 मई को मनाया जाएगा। यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए रखा जाता है। इस दिन वट वृक्ष की पूजा विशेष विधि से की जाती है|

वट सावित्री व्रत 2025, वट वृक्ष पूजा, व्रत की कथा, वट सावित्री व्रत का महत्व, Vat Savitri Vrat 2025, Banyan Tree Puja, Vat Savitri Vrat Story, religious significance of Vat Vrat, Savitri Satyavan Stor

24-May-2025 11:29 AM

By First Bihar

Vat savitri vrat 2025:  हर साल ज्येष्ठ अमावस्या को मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत इस वर्ष 26 मई को रखा जाएगा। यह व्रत विवाहित महिलाओं के लिए बेहद खास होता है, जो अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं। इस दिन वट वृक्ष (बरगद का पेड़) की विशेष पूजा की जाती है, जिसका धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है।


व्रत की पौराणिक कथा:

इस व्रत का प्रारंभ राजा अश्वपति की पुत्री सावित्री द्वारा किया गया था, जिन्होंने अपने मृत पति सत्यवान को वट वृक्ष के नीचे यमराज से वापस जीवन दिलवाया था। तभी से यह व्रत सुहागिन महिलाओं द्वारा अखंड सौभाग्य और पति की दीर्घायु के लिए किया जाता है।


वट वृक्ष का धार्मिक महत्व:

शास्त्रों में कहा गया है कि वट वृक्ष के तने में भगवान विष्णु, जड़ों में ब्रह्मा और शाखाओं में भगवान शिव का वास होता है। इसकी नीचे की ओर झुकती शाखाओं को देवी सावित्री का स्वरूप माना जाता है। इसी कारण महिलाएं इस वृक्ष की पूजा कर उसकी परिक्रमा करती हैं और अपने पति के सुखी जीवन की कामना करती हैं।


व्रत की तिथि और समय:

इस साल अमावस्या तिथि 26 मई को दोपहर 12:12 बजे से शुरू होकर 27 मई को सुबह 8:32 बजे समाप्त होगी। चूंकि शास्त्रों के अनुसार अमावस्या तिथि यदि दिन के मध्य में हो, तो व्रत उसी दिन रखा जाता है। इसलिए इस बार व्रत 26 मई को मनाया जाएगा। वट सावित्री व्रत सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में स्त्री की श्रद्धा, शक्ति और समर्पण का प्रतीक है। यह व्रत महिलाओं के अटूट विश्वास और जीवनसाथी के प्रति प्रेम को दर्शाता है।