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ये नीतीश का “जनता राज” है: जेडीयू के दलित नेता को CM के पास जाने की कोशिश की सजा मिली, पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा

18-Sep-2022 08:19 AM

PATNA: बिहार के जंगलराज और जेडीयू के कार्यकर्ता सम्मान का बेहतरीन उदाहरण सामने आ गया है. जेडीयू के एक दलित नेता ने सीएम के कार्यक्रम में उनके पास जाने औऱ मिलने की कोशिश की. पुलिस ने पहले जेडीयू नेता के खिलाफ केस दर्ज किया औऱ अब उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. जेल गया नेता जेडीयू का कोई आम वर्कर नहीं है. वे जेडीयू के दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं.



वाकया गया का है. सीएम के कार्यक्रम में उनके करीब पहुंचने की चाहत ने जदयू दलित प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष शिवनाथ निराला को जेल पहुंचा दिया है. पुलिस ने उन्हें बोधगया में सीएम की मौजूदगी में हंगामा और सरकारी कार्यक्रम में बाधा पहुंचाने के जुर्म में गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया है. केस पहले ही  दर्ज हुआ था. उसके बाद जेडीयू नेता शिवनाथ निराला ने इस मामले को अपनी पार्टी के बड़े नेताओं के समक्ष उठाया था. दलित नेता ने पूछा था कि क्या मुख्यमंत्री से मिलने जाना गुनाह है. प्रदेश जेडीयू कार्यालय में शिवनाथ निराला ने गुहार लगायी थी. उसके बाद निराला ने खुद दावा किया था कि पुलिस कार्रवाई नहीं करेगी, जेडीयू प्रदेश कार्यालय ने पुलिस से बात कर ली है.  लेकिन दलित नेता को मुख्यमंत्री से मिलने की चाहत बहुत मंहगी पड़ी और पुलिस ने उसे आखिरकार गिरफ्तार कर ही लिया.



पुलिस से अभद्रता का आरोप

बोधगया पुलिस ने जेडीयू नेता शिवनाथ निराला को गिरफ्तार किया है. जब मीडिया ने पूछा तो बोधगया थानाध्यक्ष रुपेश कुमार ने बताया कि शिवनाथ निराला अधिकृत अनुमति के बगैर ही मुख्यमंत्री के करीब जाने की कोशिश कर रहा था. जब वरीय अधिकारियों ने उसे रोका औऱ समझाया तो वह हंगामा करने लगे था. वह वरीय अधिकारियों से अभद्रता पूर्वक पेश आ रहा था. इस मामले में उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था. 


जानिये हुआ क्या था

मामला कुछ महीने पुराना है. इसी साल 24 मई को नीतीश कुमार बोधगया के दौरे पर थे. उनके लिए बड़े स्तर पर सरकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. नीतीश कुमार उस दौरान बोधगया के महाबोधि मंदिर भी गए थे. सीएम के कार्यक्रम के बीच जदयू के दलित नेता शिवनाथ निराला ने मुख्यमंत्री के करीब पहुंचने की कोशिश की. वह मुख्यमंत्री से मिलकर उन्हें गुलदस्ता देना चाह रहा था. लेकिन पुलिस के अधिकारियों ने उसे रोक दिया. पुलिस अधिकारियों के रोके जाने पर शिवनाथ भारती ने अपना परिचय दिया और खुद को जेडीयू दलित प्रकोष्ठ का प्रदेश उपाध्यक्ष बताया. लेकिन पुलिस ने उसे जाने नहीं दिया तो शिवनाथ भारती बिफर पडा था. इस दौरान शिवनाथ भारती औऱ पुलिस अधिकारियों में तीखी नोंकझोंक भी हुई थी. लेकिन पुलिस ने उसे मुख्यमंत्री के करीब नहीं जाने दिया. 



शिवनाथ निराला की पुलिस से कोई हाथापाई या मारपीट नहीं हुई थी. लेकिन मुख्यमंत्री के बोधगया से रवाना होने के साथ ही अफसरों के आदेश पर बोधगया पुलिस ने शिवनाथ निराला पर सरकारी कार्य में बाधा डालने के साथ साथ सीएम की मौजूदगी में हंगामा करने का केस दर्ज कर लिया. अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद शिवनाथ निराला ने जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में गुहार लगायी. शिवनाथ निराला ने जेडीयू के वरीय नेताओं को बताया कि गया का एक खास पुलिस अधिकारी उसे जेल भेजने की तैयारी में लगा है. जेडीयू कार्यालय से गया के कुछ अफसरों को फोन भी गये लेकिन पुलिस पर कोई फर्क नहीं पड़ा. जेडीयू के कई नेताओं ने शिवनाथ निराला के पक्ष में मीडिया में बयान भी दिया. लेकिन इन सबका कोई असर नहीं हुआ. शुक्रवार की रात शिवनाथ निराला को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.