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30-Aug-2021 11:17 AM
PATNA : जेडीयू की राष्ट्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पीएम मटेरियल होने का प्रस्ताव पास होने के बाद जनता दल यूनाइटेड के कार्यकर्ताओं और नेताओं का हौसला सातवें आसमान पर है. यह प्रस्ताव पास होने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पीएम मोदी तो नहीं लेकिन यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने एक बड़ी मुश्किल खड़ा करने जा रहे हैं. नीतीश कुमार बीजेपी में पीएम मोदी का उत्तराधिकारी कहे जाने वाले सीएम योगी के सामने एक बड़ी चुनौती रखने जा रहे हैं.
दरअसल अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा का चुनाव होने वाला है. विधानसभा चुनाव को लेकर लगभग सभी पार्टियां तैयारी में जुट गई हैं. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू भी यूपी में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी जोरशोर के साथ कर रही है. जेडीयू के राष्ट्रीय परिषद की बैठक में भी यह निर्णय ले लिया गया है कि पार्टी यूपी चुनाव में पूरे दमखम के साथ उतरेगी.
यूपी में जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह ने फर्स्ट बिहार झारखंड से एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार सीएम नीतीश के विकास मॉडल के सामने कुछ भी नहीं है. उन्होंने कहा कि योगी मॉडल नीतीश मॉडल के सामने फेल है. बिहार में जो काम हो रहा है. वैसा काम यूपी में योगी आदित्यनाथ नहीं कर रहे हैं. इसलिए यूपी में अब नीतीश मॉडल को स्थापित करने के लिए जेडीयू पूरे जोश और दमखम के साथ तैयारी कर रही है.
प्रदेश अध्यक्ष अनूप सिंह फर्स्ट बिहार को यह जानकारी दी कि पार्टी 200 सीटों पर चुनाव लड़ने जा रही है. यूपी चुनाव में जेडीयू किसान, युवा और महिलाओं के मुद्दे को जोरशोर के साथ उठाएगी. हालांकि अनूप ने ये भी संकेत दिया कि जेडीयू गठबंधन भी कर सकती है. लेकिन यह गठबंधन एनडीए का होगा या किसी और का, इसपर अभी पार्टी आलाकमान बात कर रहे हैं.

गौरतलब हो कि बिहार में बीजेपी की मदद से एनडीए की सरकार चलाने वाले सीएम नीतीश की पार्टी यूपी में योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ाने जा रही है. जेडीयू पिछले कई दिनों से यह बात कहते आ रही है. बिहार में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार चलाने वाले नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू यूपी चुनाव में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है.
जेडीयू राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी ने यूपी के चुनावी रण में उतरने को लेकर पहले ही एलान कर चुके हैं. उन्होंने दावा किया कि पहले बीजेपी से गठबंधन और सीट बंटवारे पर बातचीत की जाएगी. अगर मन मुताबिक सीटें नहीं मिली और बीजेपी-जदयू में बात नहीं बनी तो जेडीयू अकेले 200 सीटों पर चुनाव में उतरेगी.
जेडीयू नेता केसी त्यागी बता चुके हैं कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की अगर उत्तर प्रदेश में बीजेपी से बात नहीं बनती तो हम अकेले चुनाव में जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम पहले भी एनडीए का हिस्सा रहे हैं. वहां हमारे, विधायक, सांसद और मंत्री रहे हैं. 2017 के चुनाव में भी हम पूरी तरह से तैयार थे. लेकिन पार्टी में सर्वसहमति के बाद हमने न लड़ने का निर्णय लिया, जिसका फायदा बीजेपी को मिला. मैंने योगी आदित्यनाथ से बात की है. उनसे कहा कि नीतीश कुमार की पिछड़े समाज में पॉपुलैरिटी का इस्तेमाल यूपी में भी किया जा सकता है.
केसी त्यागी ने कहा है कि बिहार में एनडीए का हिस्सा रहते हुए हम पहले भी पश्चिम बंगाल और झारखंड जैसे राज्यों में बीजेपी से अलग चुनाव लड़ चुके हैं. यूपी चुनाव के लिए पार्टी की तैयारी पूरी हो चुकी है. 200 सीटों पर हमारी संगठन और आधार वोट बैंक मजबूत है. पार्टी सबसे अधिक पिछड़े वर्ग के लोगों को टिकट देगी. उन्होंने बताया कि पार्टी की राज्य इकाई ने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है. जिलाध्यक्षों से कहा गया है कि सर्वे के आधार पर उम्मीदवार की सूची तैयार की जाए.
हालांकि मीडिया के सवाल पर केसी त्यागी ने ये भी कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी कि एनडीए का वे हिस्सा हैं. लिहाजा पहली प्राथमिकता बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरने की रहेगी. लेकिन अगर सीटों को लेकर बात बनी तो हम किसी के भी साथ जा सकते हैं या अकेले लड़ सकते हैं. समाजवादी पार्टी को लेकर सवाल पर त्यागी ने कहा कि मुलायम सिंह यादव से हमारे अलग रिश्ते हैं लेकिन हम पार्टी के साथ नहीं जा सकते. वह विरोधी पार्टी है.