Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ानें रद्द, नए साल में इंडिगो का बड़ा झटका Bihar News: बिहार के इस एयरपोर्ट से दिल्ली की उड़ानें रद्द, नए साल में इंडिगो का बड़ा झटका पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट पटना जंक्शन की सुरक्षा पर सवाल: पुलिस बनकर बदमाशों ने सोना कारोबारी से लूट लिए 22.50 लाख, ट्रेन की खाली बोगी में लूटपाट थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल थावे मंदिर चोरी कांड: प्यार, धोखा और साजिश का जाल, लव एंगल से जुड़ा करोड़ों की चोरी का मामला; मोहिनी से शुरू हुआ सारा खेल New Year 2026: नए साल के पहले दिन माता की शरण में लोग, ताराचंडी मंदिर में श्रद्धालुओं की उमड़ी भारी भीड़ Bihar Police: एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात के पास से मिला हथियारों का जखीरा, PHQ ने बताया कितना खतरनाक था यह अपराधी Bihar Police: एनकाउंटर में मारे गए कुख्यात के पास से मिला हथियारों का जखीरा, PHQ ने बताया कितना खतरनाक था यह अपराधी Pakistan drone: नए साल के पहले दिन पुंछ में दिखा पाकिस्तानी ड्रोन, भारतीय सेना ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया
01-Jan-2026 10:20 AM
By FIRST BIHAR
Rajyasabha Election 2026: साल 2026 में राज्यसभा की रिक्त हो रही 73 सीटों के लिए होने वाले चुनाव केंद्रीय राजनीति और प्रमुख नेताओं के भविष्य को प्रभावित करेंगे। विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं की दलीय स्थिति को देखते हुए भाजपा और NDA मजबूत स्थिति में रहने वाले हैं, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की दिक्कतें बढ़ सकती हैं।
हालांकि राज्यसभा के अंकगणित में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन NDA अपने बहुमत को और मजबूत करेगा और भाजपा की संख्या में भी वृद्धि होगी। इससे संसद के दोनों सादनों में विधायी कामकाज में सरकार को सहूलियत मिलेगी, जबकि विपक्ष की रणनीति कमजोर पड़ सकती है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में भाजपा के 103 सांसद हैं और NDA में कुल 126 सांसद हैं। 2026 में भाजपा के 30 सांसदों का कार्यकाल पूरा होगा और 32 नए सांसदों के आने की संभावना है। जोड़-तोड़ के जरिए पार्टी तीन और सीटें जीत सकती है।
सहयोगी दलों के चार सांसद बढ़ेंगे, जिसमें तेलुगु देशम, जनसेना, शिवसेना और एनसीपी के एक-एक सांसद शामिल हैं। हालांकि दो सीटें कम भी हो सकती हैं, तब भी कुल मिलाकर NDA लाभ की स्थिति में रहेगा। मनोनीत सांसद और पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई मार्च में रिटायर हो रहे हैं, और उनकी जगह भी सरकार का समर्थन करने वाले सदस्य की उम्मीद है।
इन चुनावों का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि कई वरिष्ठ नेताओं का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, बी एल बर्मा, जॉर्ज कुरियन शामिल हैं।
इसके अलावा प्रेमचंद गुप्ता, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह, रामनाथ ठाकुर, उपेंद्र कुशवाहा, प्रियंका चतुर्वेदी, रामदास अठावले, रामगोपाल यादव, नीरज शेखर, राम जी, शक्ति सिंह गोहिल, अभिषेक मनु सिंघवी, थंबी दुरई, तिरुचि शिवा और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई भी शामिल हैं।
2026 में जिन 72 सीटों के लिए चुनाव होंगे, उनमें अप्रैल में 37 सीटें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, तमिलनाडु, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, जून में 23 सीटें आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, जुलाई में 1 सीट और नवंबर में 11 सीटें सबसे महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश की 10 सीटें शामिल हैं।
बिहार की पांच सीटें रिक्त हो रही हैं, जिनमें जेडीयू की दो, राजद की दो और आरएलएम की एक सीट शामिल है। चुनाव के बाद जेडीयू और भाजपा दो-दो सीटें जीत सकते हैं और उनका सहयोगी एक सीट जीतने की संभावना है। झारखंड में दो रिक्त सीटों में झामुमो की एक और भाजपा की एक सीट शामिल है। नए समीकरण में दोनों को एक-एक सीट मिलने की संभावना है।