वंदे भारत पर पत्थर मारने वाले की ट्रेन में लगे CCTV फुटेज से हुई पहचान, गिरफ्तारी के बाद नालंदा के अजय को भेजा गया फुलवारी जेल वैशाली में साली से शादी की जिद्द पर मोबाइल टावर पर चढ़ गया युवक, घंटों चला हाई वोल्टेज ड्रामा IIT बिहटा और फाउंडेशन एकेडमी विवाद, CBSE ने तत्काल प्रभाव से स्कूल की मान्यता रद्द किया...जारी हुआ आदेश प्रेमिका से बियाह नहीं होने पर प्रेमी बन गया शोले का वीरू, मोबाइल टावर पर चढ़कर बसंती से शादी की करने लगा जिद्द गर्ल फ्रेंड को बाइक सिखाना पड़ गया महंगा: 70 के स्पीड में प्रेमिका ने ट्रक को ठोका, बाल-बाल बची दोनों की जान मुजफ्फरपुर से लापता बंगाल का मजदूर 6 साल बाद पुणे में मिला, पुलिस ने ऐसे सुलझाई गुत्थी लखीसराय DM मिथिलेश मिश्र का तबादला, ADM नीरज कुमार को मिला अतिरिक्त प्रभार पूर्व DSP गौतम कुमार सस्पेंड: आय से अधिक संपत्ति मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, गृह विभाग ने जारी की अधिसूचना 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला 25 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट देगी सरकार, इन अनुबंधकर्मियों के मानदेय में बढ़ोतरी का फैसला
17-Oct-2023 07:44 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में जातीय सर्वे करा लेने के बाद जदयू को लगा कि इससे नीतीश कुमार का कद बढेगा और कांग्रेस-वर्चस्व वाला इंडी गठबंधन उन्हें पीएम-प्रत्याशी मान लेगा, लेकिन राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम लेकर शशि थरूर ने गुब्बारे की हवा निकाल दी।
सुशील कुमार मोदी ने कहा कि विपक्ष में प्रधानमंत्री पद के लिए लड़ाई अभी से शुरू हो गई है और सीट-शेयरिंग तक बात पहुंचने पर इनका कुनबा बिखर जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की मुम्बई बैठक में सीट-शेयरिंग पर जल्द निर्णय करने का फैसला हुआ था, लेकिन हालत यह है कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस, सपा और 'आप' कई सीटों पर एक-दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि थरूर ने कांग्रेस के मन की बात कह दी, जिससे जदयू और राजद दोनों को बड़ा झटका लगा। न नीतीश कुमार केंद्र की राजनीति में जाएंगे और न बिहार में तेजस्वी यादव के लिए कुर्सी खाली करेंगे। विपक्ष की समन्वय समिति की 13 सितम्बर की दिल्ली बैठक के महीने-भर बाद भी न कोई बैठक हुई, न अगली तारीख तय हुई। जो तीन वर्किंग ग्रुप बने थे, उनकी बैठकें भी नहीं हुईं।
सुशील मोदी ने कहा कि 14 सदस्यों वाली समन्वय समिति के लिए माकपा ने अभी तक अपना प्रतिनिधि तय नहीं किया है। कांग्रेस के एकतरफा फैसले से विपक्ष की जो भोपाल रैली स्थगित हुई, उसकी भी कोई अगली तारीख तय नहीं हो पायी। जो 24 विपक्षी दल 4 उच्चस्तरीय बैठकों के बाद न नेतृत्व तय कर सके और न सीट साझा करने पर सहमति बना पाये, वे केवल प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करने के नकारात्मक मुद्दे पर देश का भरोसा नहीं जीत सकते।