Bihar Crime News: बिहार में JDU का पूर्व जिला प्रवक्ता गिरफ्तार, वैशाली पुलिस ने यहां से किया अरेस्ट; क्या है मामला? Bihar Crime News: जंगल में पेड़ से लटके दो नर कंकाल मिलने से सनसनी, ऑनर किलिंग की आशंका Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश Bihar News: सकरी और रैयाम में जल्द खुलेंगे सहकारी चीनी मिल, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग पटना में NEET छात्रा की मौत पर उबाल: शंभू गर्ल्स हॉस्टल के बाहर महिला संगठनों का जोरदार प्रदर्शन, बुलडोजर एक्शन की मांग PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर PM Awas Yojana Gramin: पीएम आवास योजना से बदली बिहार के गांवों की तस्वीर, 12 लाख परिवारों को मिलेगा अपना घर Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश Prayagraj Magh Mela: प्रयागराज माघ मेला में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के दो वर्ष पूरे होने पर आभार सभा, संतों ने दिया सनातन संरक्षण का संदेश
23-May-2025 09:41 PM
By FIRST BIHAR
Land for Job Case: लैंड फॉर जॉब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में आज अहम सुनवाई हुई, जहां स्पेशल जज विशाल गोगने की पीठ ने शुक्रवार को चार्जशीट पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 3 जून निर्धारित की गई है।
इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 मई 2025 को इस केस में अभियोजन की मंजूरी प्रदान की थी। यह मंजूरी CRPC की धारा 197(1) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 218 के तहत दी गई थी। ED इस मामले की जांच कर रही है। ईडी ने पिछले साल अगस्त में लालू यादव, उनके बेटे तेजस्वी यादव, और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था।
यह कार्रवाई CBI द्वारा दर्ज की गई FIR के आधार पर की गई थी। प्रवर्तन निदेशालय ने अपनी चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव पर कथित रूप से अपनी आय को छुपाने के लिए अपने परिवार और सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रचने का आरोप लगाया था।
इस मामले की सीबीआई और ईडी अलग-अलग जांच कर रहे हैं। सीबीआई का आरोप है कि लालू प्रसाद ने साल 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री रहते हुए रेलवे में नौकरी देने के बदले लोगों से अपने और अपने परिवार के लोगों के नाम पर जमीन और प्रॉपर्टी ट्रांसफर कराई थी।
यह नौकरियां मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर रेलवे जोन में दी गईं थीं। सीबीआई की जांच में यह बात सामने आई कि लालू प्रसाद ने अपने और अपने परिवार के नाम पर बिहार में एक लाख स्क्वायर फीट से अधिक जमीन महज 26 लाख रुपए में हासिल कर ली थी। उस वक्त जमीन की कीमत करीब 4.39 करोड़ रुपए से अधिक थी।