BIHAR NEWS : 'हम वो विधायक नहीं है जो सिर्फ चुनाव में नजर आते हैं ...',अनंत सिंह बोले– जनता से नहीं रहेंगे दूर, बेटे के नाम की पोस्टर पर साधी चुप्पी एक झगड़े ने उजाड़ दिया पूरा परिवार: भांजे की हत्या में मामा-मामी समेत 5 गिरफ्तार, रिश्तों पर लगा खून का दाग Bihar News : बिहार के छात्रों की लगी लॉटरी! अब हर महीने मिलेंगे 2000 रुपये; छात्रों में खुशी की लहर 'यह नशा बड़ी बुरी बला है!' बच्चों को नेपाल घुमाने गए गुरुजी, अब घर नहीं बल्कि पहुँचे हवालात; जानिए वजह Bihar Road Project : अब गांव से शहर पहुंचना होगा आसान! बिहार में इतने KM बन नई सड़कें; जारी हुआ आदेश बेगूसराय में बालू माफिया पर बड़ा प्रहार: अभियान में 3 वाहन जब्त, लाइनर सहित 3 गिरफ्तार EWS Certificate : EWS सर्टिफिकेट बनवाना हुआ आसान! बिहार सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन; जानें किन नियमों में हुआ बदलाव Income Tax New Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर lockdown news India : क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? तेल संकट से भारत में मची हलचल; सरकार का आया जवाब; जानिए क्या है सच्चाई रामनवमी पर आया बड़ा अपडेट: इस दिन दिखेगी ‘रामायण’ की दूसरी झलक, आ गई रिलीज़ डेट
15-Apr-2024 09:14 PM
By First Bihar
KHAGARIA: खगड़िया के सांसद महबूब अली कैसर ने 14 मार्च 2024 को पशुपति पारस की पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को छोड़ दिया था और दिल्ली जाकर लोक जनशक्ति पार्टी रामविलास से राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से मुलाकात की थी। चिराग से मुलाकात के बाद महबूब अली ने कहा था कि चिराग पासवान की पार्टी उन्हें चुनाव लड़ने का मौका देती है तो चुनाव लड़ने के लिए वो तैयार हैं। कैसर चुनाव लड़ने के इंतजार में बैठे हुए थे।
उन्हें लगा कि चिराग पासवान खगड़िया से उन्हें अपनी पार्टी का टिकट देंगे लेकिन अचानक पता चला कि खगड़िया लोकसभा सीट का टिकट राजेश वर्मा नामक व्यवसायी को दे दिया गया। टिकट के इंतजार में बैठे महबूब अली कैसर का सपना चकनाचूर हो गया। अब वो ना तो चिराग के रहे और ना ही पशुपति पारस के रहे। टिकट नहीं मिलने के कारण वो इन दिनों नाराज चल रहे हैं।
उन्होंने अब बागी रुख अख्तियार कर लिया है। ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि महबूब अली कैसर खगड़िया से निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि इस बात की घोषणा अभी नहीं की गयी है। लेकिन कैसर इस पर विचार कर रहे हैं। महबूब अली कैसर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि क्षेत्र के लोगों का भारी दबाव है।
खगड़िया के हर विधानसभा क्षेत्र से फोन आ रहा है। लोग चुनाव के मैदान में उतरने का अनुरोध कर रहे हैं। लोगों के फोन और दबाव के कारण अब चुनाव लड़ने पर गंभीरता से विचार करना होगा। लोगों की इच्छा का ख्याल रखना ही पड़ेगा। अभी वो ना तो ग्रीन जोन में और ना ही रेड जोन में हैं बल्कि येलो जोन में हैं, चुनाव लड़ने का फैसला कभी भी ले सकते हैं।