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Income Tax New Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

1 अप्रैल 2026 से आपकी कमाई पर लगने वाला टैक्स पहले जैसा नहीं रहने वाला… कुछ नियम आपको राहत देंगे, तो कुछ चुपचाप आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं। आखिर क्या बदलने वाला है और इसका सीधा असर आपकी सैलरी और निवेश पर कैसे पड़ेगा—यही जानना अब बेहद जरूरी हो गया..

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 27, 2026, 11:54:42 AM

Income Tax New Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

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Income Tax New Rules: अगर आप इनकम टैक्स भरते हैं, तो 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए नियमों को समझना आपके लिए बहुत जरूरी है। केंद्र सरकार ने बजट 2026 में कई बड़े बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर आपकी कमाई, बचत और खर्च पर पड़ेगा। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आसान बनाना है, लेकिन कुछ नियम ऐसे भी हैं, जिनसे आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। आइए इन सभी बदलावों को आसान भाषा में विस्तार से समझते हैं।

 

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब देश में नया आयकर कानून लागू होगा। 1961 से चल रहा पुराना इनकम टैक्स कानून अब खत्म हो जाएगा और उसकी जगह नया आयकर अधिनियम 2025 लागू किया जाएगा। सरकार ने इसमें भाषा को आसान बनाया है, ताकि आम लोग भी इसे आसानी से समझ सकें। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है, यानी आपको पहले की तरह ही टैक्स देना होगा।


दूसरा बड़ा बदलाव ITR भरने की तारीख को लेकर है। अब कुछ टैक्सपेयर्स को रिटर्न भरने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। ITR-3 और ITR-4 भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई से बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है। यह उन लोगों के लिए राहत की खबर है, जिनका अकाउंट ऑडिट नहीं होता। हालांकि ITR-1 और ITR-2 भरने की तारीख पहले की तरह 31 जुलाई ही रहेगी। वहीं जिन लोगों का टैक्स ऑडिट होता है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अक्टूबर ही रहेगी।


तीसरा बदलाव रिवाइज्ड रिटर्न से जुड़ा है। अगर आपने अपना ITR भर दिया है और बाद में उसमें कोई गलती मिलती है, तो अब उसे सुधारने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। पहले यह तारीख 31 दिसंबर थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 31 मार्च कर दिया गया है। हालांकि अगर आप 31 दिसंबर के बाद सुधार करते हैं, तो आपको अतिरिक्त फीस देनी पड़ेगी।


चौथा बदलाव TCS (टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स) से जुड़ा है। सरकार ने कई चीजों पर TCS की दर बढ़ा दी है। जैसे शराब, स्क्रैप, कोयला, लिग्नाइट और लौह अयस्क पर अब 2% TCS लगेगा, जो पहले 1% था। हालांकि तेंदू पत्ता पर TCS घटाकर 5% से 2% कर दिया गया है। इसका असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो इन चीजों के व्यापार से जुड़े हैं।


पांचवां बदलाव विदेश यात्रा करने वालों के लिए राहत लेकर आया है। अगर आप विदेश घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो अब आपको कम TCS देना होगा। पहले विदेश यात्रा पैकेज पर 5% या 20% तक TCS लगता था, लेकिन अब इसे घटाकर 2% कर दिया गया है। इसके अलावा विदेश में पढ़ाई या इलाज के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर भी अब सिर्फ 2% TCS लगेगा।


छठा बदलाव शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए है। अगर आप फ्यूचर और ऑप्शन (F&O) में ट्रेडिंग करते हैं, तो अब आपको ज्यादा टैक्स देना पड़ेगा। सरकार ने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया है। फ्यूचर पर STT 0.02% से बढ़कर 0.05% हो गया है और ऑप्शन पर 0.1% से बढ़कर 0.15% हो गया है। इसका मतलब है कि अब ट्रेडिंग करना थोड़ा महंगा हो जाएगा।


सातवां और आखिरी बड़ा बदलाव शेयर बायबैक और डिविडेंड से जुड़ा है। अब अगर कोई कंपनी अपने शेयर वापस खरीदती है (बायबैक), तो उस पर कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। पहले इसे डिविडेंड मानकर टैक्स लगाया जाता था। इसके अलावा अब डिविडेंड कमाने के लिए लिए गए लोन के ब्याज पर कोई टैक्स छूट नहीं मिलेगी। पहले इस पर 20% तक छूट मिलती थी, लेकिन अब इसे खत्म कर दिया गया है।


ये नए नियम टैक्स सिस्टम को आसान जरूर बनाएंगे, लेकिन कुछ मामलों में लोगों को ज्यादा टैक्स भी देना पड़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप इन बदलावों को अच्छे से समझें और उसी हिसाब से अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग करें, ताकि आपको भविष्य में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।