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14-Feb-2026 09:36 AM
By FIRST BIHAR
Jharkhand Politics: झारखंड में चल रहे निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। हालांकि यह चुनाव दलगत नहीं है, लेकिन सभी राजनीतिक दल अपने-अपने उम्मीदवारों और रणनीतियों के साथ मैदान में हैं। विधानसभा चुनाव के बाद शहरों में सत्ता स्थापित करने के लिए हर दल ने पूरी ताकत झोंक दी है।
इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने दावा किया है कि निकाय चुनाव के बाद राज्य में बड़ा राजनीतिक बदलाव होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी और जेएमएम के बीच गठबंधन फाइनल हो चुका है और निकाय चुनाव के बाद एनडीए की सरकार बनेगी। केएन त्रिपाठी ने कहा कि यह गठबंधन 15-20 दिनों में सार्वजनिक रूप से घोषित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी इस डील को हरी झंडी मिल चुकी है।
वहीं, बीजेपी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने केएन त्रिपाठी के दावे को खारिज किया है। मरांडी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह आगामी चुनाव की तैयारी में जुटी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के एक साल में कोई ठोस उपलब्धि नहीं दिखी और केवल सपने दिखाए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार की प्राथमिकता निजी लाभ होगी, तो सरकारी खजाना खाली रहेगा और विकास कार्य प्रभावित होंगे।
बता दें कि झारखंड में फिलहाल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में जेएमएम, कांग्रेस, राजद और वामदलों की गठबंधन सरकार है। सहयोगी दलों से मतभेद की शुरुआत बिहार चुनाव के दौरान हुई थी। उस समय जेएमएम महागठबंधन के साथ चुनाव लड़ना चाहती थी, लेकिन राजद ने सीट देने से इनकार किया।
इसके बाद से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मंच पर कांग्रेस और राजद के विधायकों को जगह नहीं दी जा रही है। इस प्रकार, निकाय चुनाव से पहले राजनीतिक उठापटक और दाव-पेंच झारखंड की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।