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Bihar Election 2025: पूरे चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी और सीएम नीतीश एक साथ मंच पर क्यों नहीं दिखे? जान लीजिए असली वजह

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण से पहले पीएम मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मंच पर न दिखने को लेकर उठे सवालों पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने सफाई दी है।

10-Nov-2025 11:52 AM

By FIRST BIHAR

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का दूसरा चरण 11 नवंबर को होना है। रविवार को प्रचार-प्रसार का शोर थम गया। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे पर रही, वह यह कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ किसी मंच, सभा या रोड शो में क्यों नहीं दिखे। विपक्ष ने इसे लेकर सवाल खड़े किए हैं और दावा किया है कि चुनाव के बाद बीजेपी नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी।


इन अटकलों के बीच केंद्रीय मंत्री और बिहार चुनाव के प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान ने इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की है। न्यूज एजेंसी से बातचीत में उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के एक साथ मंच पर न दिखने के पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है, बल्कि यह प्रचार रणनीति का हिस्सा था।


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि, जब चुनाव की घोषणा नहीं हुई थी, तब प्रधानमंत्री मोदी करीब सात-आठ बड़े सरकारी कार्यक्रमों के लिए बिहार आए थे। 24 अक्टूबर को हमारी एनडीए की औपचारिक चुनावी अभियान की शुरुआत समस्तीपुर से हुई, जिसमें एनडीए के सभी प्रमुख नेता नरेंद्र मोदी, नीतीश कुमार, चिराग पासवान, उपेंद्र कुशवाहा और जेडीयू-बीजेपी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद थे।


प्रधान ने आगे बताया कि हमने तय किया था कि सभी नेता अलग-अलग क्षेत्रों में चुनाव प्रचार करेंगे। छठ पर्व और दो दिन की बारिश के कारण प्रचार का समय थोड़ा सीमित हो गया। इसे ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार एनडीए के नेताओं की अलग-अलग प्रचार योजनाएं बनाई गईं। रविवार देर रात तक भी एनडीए की सभाएं जारी रहीं।


जब उनसे पूछा गया कि कई मतदाता भ्रमित थे कि ‘तीर’ और ‘कमल’ में से किस निशान पर वोट देना है और कुछ लोग जेडीयू के प्रतीक ‘तीर’ को ढूंढते रहे, इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि एनडीए हमेशा एकजुट रहा है। 2005, 2010 और 2020 के विधानसभा चुनावों के साथ-साथ 2009, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव भी एनडीए ने मिलकर लड़े हैं। एनडीए की ताकत एकजुट समाज के सामने है।