नेपाल चुनाव में बालेन शाह की शानदार जीत, भारत विरोधी केपी ओली शर्मा की हार बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल बिहार में ओवैसी के विधायक को धमकी, बदमाशों ने मांगी 5 लाख की रंगदारी; कनाडा से आया व्हाट्सएप कॉल नीतीश कुमार की मीटिंग में गए पूर्व विधायक, पीछे से चोरों ने घर कर दिया साफ; कैश-गहने और जरूरी कागजात गायब बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार के ‘सिल्क सिटी’ पर अमेरिका-ईरान तनाव का व्यापक असर, 25 करोड़ का ऑर्डर रद्द; बुनकरों के सामने गहराया संकट बिहार में करोड़ों की ठगी का भंडाफोड़: इन्वेस्टमेंट के नाम पर 20 करोड़ ऐंठे, गिरोह का सरगना गिरफ्तार यहां बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी; जल्द शुरू होगा काम यहां बनेगा बिहार का दूसरा चिड़ियाघर, परियोजना को मिली सैद्धांतिक मंजूरी; जल्द शुरू होगा काम भारत भ्रमण पर निकले नीतीश कुमार: चारधाम, 12 ज्योतिर्लिंग और 51 शक्तिपीठों का करेंगे दर्शन
15-Nov-2025 02:20 PM
By FIRST BIHAR
Bihar politics: बिहार विधानसभा चुनाव में पांच सीटों की जीत के बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन बेहद उत्साहित है। सीमांचल में मिली इस अप्रत्याशित सफलता के बाद पार्टी ने बिहार में सरकार बनाने का नया समीकरण प्रस्तावित किया है।
इसके तहत AIMIM ने आरजेडी और जेडीयू को साथ आने का प्रस्ताव दिया है और दावा किया है कि गठबंधन बनने पर सरकार आसानी से बनाई जा सकती है। पार्टी ने तो यहां तक कहा है कि मुख्यमंत्री पद AIMIM के पास जाएगा, जबकि नीतीश कुमार को 2029 में प्रधानमंत्री उम्मीदवार बनाया जाएगा। यह प्रस्ताव AIMIM बिहार के आधिकारिक एक्स हैंडल से जारी किया गया है।
AIMIM के एक्स पोस्ट में कहा गया कि अभी भी सरकार बनाने का मौका मौजूद है। पार्टी ने सुझाव दिया कि जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस, AIMIM, CPI-ML (L), CPI-M यदि एकजुट हो जाएं, तो आसानी से बहुमत हासिल किया जा सकता है। इन दलों के सीटों का कुल योग 124 सीटें हैं, जो बहुमत के लिए आवश्यक 122 के आंकड़े से दो अधिक हैं।
उत्साह में AIMIM ने एक संभावित मंत्रिमंडल की ‘तस्वीर’ भी जारी की। पार्टी के अनुसार मुख्यमंत्री AIMIM से होगा, जेडीयू को दो डिप्टी सीएम और 20 मंत्री पद, आरजेडी को 6 मंत्री, कांग्रेस को 2 मंत्री, CPI-ML और CPI-M को एक-एक मंत्री और नीतीश कुमार को 2029 में पीएम उम्मीदवार। AIMIM ने कहा कि हम जोड़ने की राजनीति करते हैं, तोड़ने की नहीं। इसलिए अभी भी मौका है।
AIMIM का प्रभाव मुख्य रूप से सीमांचल क्षेत्र में है, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है। पार्टी ने इस चुनाव में 243 में से 29 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें से 24 सीटें सीमांचल की थीं। चुनाव से पहले AIMIM ने महागठबंधन में शामिल होने की कोशिश की थी, लेकिन आरजेडी और कांग्रेस ने उसका प्रस्ताव ठुकरा दिया। इसके बाद पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
बता दें कि सीमांचल क्षेत्र में AIMIM की उपस्थिति ने मुस्लिम वोटों को विभाजित किया, जिससे आरजेडी और कांग्रेस को नुकसान हुआ। हालांकि, AIMIM ने इस क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीतीं, और कई स्थानों पर वह कड़ी टक्कर में रही।
