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03-Sep-2021 05:25 PM
PATNA : उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन ने दुश्मन देशों की तरह कोरोना से भी अपने तरीके से निपटने का एलान किया है. किम जोंग उन ने संयुक्त राष्ट्र संघ की पहल से मिली 30 लाख कोरोना वैक्सीन को वापस लौटा दिया है. कहा है-जिस देश में कोरोना की स्थिति गंभीर है उसे ये वैक्सीन दे दिया जाये. हम कोरोना से खुद निपट लेंगे. किम जोंग ने दावा किया है कि उत्तर कोरिया में कोरोना का एक भी मामला नहीं है.
कोरोना पर किम जोंग स्टाइल
कोरोना वैक्सीन को लेकर पूरी दुनिया में हाहाकार मचा हुआ है. दुनिया के ज्यादातर देश ऐसे हैं जहां सही से वैक्सीन नहीं मिल पा रही है. लेकिन उत्तर कोरिया ने अपने देश को मिले 30 लाख वैक्सीन लौटा दिया है. उत्तर कोरिया की ओऱ से कहा गया है कि उसे संयुक्त राष्ट्र संघ के अभियान के तहत जो वैक्सीन मिले हैं वह उन देशों को दिये जायें जो कोरोना से तबाह हो रहे हैं. उत्तर कोरिया कह रहा है कि कोरोना से उसके देश में एंट्री ही नहीं मारी है तो वैक्सीन का क्या काम.
उत्तर कोरिया में भारी सख्ती
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया से मिली खबर के मुताबिक किम जोंग उन ने कोरोना को लेकर अपने अधिकारियों के साथ लंबी बैठक की है. किम जोंग ने अधिकारियों को कहा है कि कोरोना महामारी रोकने के लिए उनका जो अभियान पहले से ही चल रहा है उसे और सख्त कर दिया जाये. किम ने अपने अधिकारियों को कहा है उन्हें इसका हर सेकेंड ये ध्यान रखना होगा कि कोरोना की रोकथाम करना सबसे महत्वपूर्ण काम है. इसमें एक सेकेंड की लापरवाही भी नहीं बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. किम जोंग ने कहा है कि पहले से जो सख्ती है उसे और कड़ा किया जाना चाहिये. उन्होंने अपने देश के लोगों से भी कहा है कि वे और कडे प्रतिबंध औऱ सख्ती के लिए तैयार रहें.
पूरी दुनिया के कट गया है उत्तर कोरिया
कोरोना की शुरूआत से ही उत्तर कोरिया ने अपने देश को पूरी दुनिया के काट लिया है. उत्तर कोरिया के सारे बार्डर बंद हैं. यानि न कोई देश के अंदर आ सकता है और ना ही कोई बाहर जा सकता है. न कोई बाहर से आयेगा औऱ ना ही उसके साथ वायरस देश में एंट्री ले सकेगा. कोरोना रोकने के लिए उत्तर कोरिया ने चीन से भी आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया है. जबकि किम जोंग उन का देश खाने-पीने के सामान, ईंधन औऱ फर्टिलाइजर के लिए पूरी तरह चीन पर निर्भर है.
उत्तर कोरिया की हालत खराब
अंतर्राष्ट्रीय एक्सपर्ट्स बता रहे हैं कि उत्तर कोरिया भयंकर खाद्य संकट से जूझ रहा है. लोग कह रहे हैं कि स्थिति 1990 में उत्तर कोरिया में आये भयानक सूखे जैसी हो गयी है, जब हजारों लोग भूखमरी का शिकार होकर मर गये थे. इस समय भी वहां खाने-पीने का भारी संकट है और भूखमरी की स्थिति उत्पन्न होती जा रही है. लेकिन किम जोंग उन ने किसी भी सूरत में सीमा को खोलने से इंकार कर दिया है. उत्तर कोरिया की हालत को देखते हुए रूस ने कई दफे खाद्यान्न के साथ साथ वैक्सीन देने का ऑफर किया लेकिन किम जोंग ने मना कर दिया है.
उत्तर कोरिया भले ही ये दावा कर रहा हो कि कोरोना ने उसके देश में एंट्री नहीं ली है लेकिन दुनिया भर के विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं. उनका मानना है कि उत्तर कोरिया कोरोना के मामलों को छिपा रहा है. वैक्सीन लौटाने के पीछे भी किम जोंग का डर काम कर रहा है. दरअसल वैक्सीन के लिए जरूरी कोल्ड चेन और संसाधन उत्तर कोरिया के पास नहीं है. किम जोंग को डर है कि इसके लिए भी विदेशियों से मदद लेनी होगी. वे देश में आय़ेंगे तो फिर यहां की स्थिति भी बाहर की दुनिया में जायेगी. लिहाजा वैक्सीन लेने से भी इंकार कर दिया गया है.