मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
06-Apr-2024 10:57 AM
By First Bihar
PATNA : लोकसभा चुनाव में पहले चरण की वोटिंग से पूर्व बिहार में बड़ा राजनीतिक फेरबदल देखने को मिल रहा है। यहां मुकेश सहनी और राजद के बीच गठबंधन हो गया है। जबकि, 2020 में विधानसभा के दौरान तेजस्वी यादव के साथ हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुकेश सहनी ने पीठ में छुरा घोंपने का आरोप लगाते हुए अलग हो गए थे और एनडीए के साथ आ गए थे। ऐसे में अब उनके वापस से महागठबंधन में शामिल होने के सवाल पर जदयू के तरफ से पहली प्रतिक्रिया दी गई है। उन्होंने कहा है कि - उनके आने - जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है, हमें कोई नुकसान नहीं होने वाला है।
दरअसल, जदयू के राज्यसभा सांसद संजय झा से जब यह सवाल किया गया कि मुकेश सहनी वापस से तेजस्वी के साथ हो गए हैं तो एनडीए के वोट में फर्क आएगा ? जिसके बाद इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि - सहनी जी के आने और जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमने सभी सीटों पर अपने कैंडिडेट के नाम का एलान कर दिया है। देश के अंदर जो माहौल है उससे साफ़ है कि देश की जनता यह जानती है किसको पीएम बनाना है और किसे अपना वोट देना है।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि - देश के अंदर कहीं कोई कोई चुनावी लड़ाई है की नहीं, हर जगह मोदी जी का लहर है। बिहार में भी लोग नीतीश के काम और मोदी जी के भरोसे को वोट देंगे। दोनों नेता ने एक साथ कई चुनावी रैलियां करेंगे, एक जमुई में कर चुके हैं। इसके साथ ही नीतीश कुमार भी रोड शौ करेंगे। उसके बाद खुद मालूम चल जाएगा की बिहार की जनता क्या चाहती है।
उधर, लालू के दोनों बेटी के चुनाव लड़ने के सवाल पर संजय झा ने कहा कि - नीतीश ने अपने परिवार के किसी लोगों को कभी भी राजनीति में आने की सलाह नहीं दी है और उनके परिवार से कोई आए भी नहीं है। उन्होंने अपना पूरा फोकस बिहार के विकास पर रखा है चाहे वो केंद्र में मंत्री रहे हों या बिहार में मुख्यमंत्री।