Bihar crime news : 7 वर्षीय ऋषिकेश हत्याकांड का खुलासा, मां से एकतरफा प्यार में पागल पड़ोसी ने की निर्मम हत्या Bihar Politics : बिहार में कैसे शुरू हुई थी जनता के खातों में सीधे पैसा भेजने की व्यवस्था? अतीत की बहस से आज की सियासत तक; पढ़ें यह महत्वपूर्ण बातें LPG Cylinder New Rule: कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पर रोक, घरेलू सिलेंडर पर सख्ती; शादी वाले घरों में बढ़ी परेशानी BIHAR NEWS : अब सुधा बूथों पर मिलेगा इस तरह का दूध, मटन खरीदने के लिए इस जगह लगेगी दूकान; सरकार बना रही बड़ा प्लान Nitish Kumar : समृद्धि यात्रा के तीसरे चरण में इस जिले में पहुंचेंगे CM नीतीश कुमार, 570 करोड़ की 213 योजनाओं की देंगे सौगात Rajyasabha Election: किंगमेकर ओवैसी ने नहीं खोले पत्ते, RJD उम्मीदवार पर खतरा Bihar Politics : ओवैसी की ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति, पांचवीं सीट पर बढ़ा सस्पेंस; दिल्ली में तैयार रणनीति से बढ़ सकती है तेजस्वी की टेंशन Bihar Politics: निशांत के लिए बदल दी नीति! 2009 उपचुनाव में JDU नेता, मंत्री और विधायक-सांसदों के लिए बने नियम की अचानक क्यों होने लगी चर्चा? जानिए नीतीश कुमार ने क्या कहा था Patna Metro : पटना मेट्रो को मिली बड़ी राहत, राजेंद्र नगर टर्मिनल के नीचे टनल बनाने की मिली मंजूरी; इस दिन से शुरू होगा काम बिहार मौसम अपडेट: 34.3°C पहुंचा तापमान, 12 जिलों में बारिश की संभावना, अररिया और किशनगंज में येलो अलर्ट
25-Apr-2024 12:32 PM
By First Bihar
DESK : लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए प्रचार अभियान बुधवार शाम को थम गया। इस चरण में 26 अप्रैल को 13 राज्यों की 89 सीट पर मतदान होगा। सात चरण में हो रहे चुनाव के पहले चरण में पिछले शुक्रवार को 21 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों की 102 सीट पर लगभग 65.5 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बीच अब जो खबर सामने आई है उसके मुताबिक लालू यादव के दमाद तेजप्रताप यादव का टिकट कट गया है। अब उन्हें सीट पर खुद सपा प्रमुख ने अपना नामांकन भर दिया है।
दरअसल, अखिलेश के लिए यह सीट इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने अपनी राजनीतिक करियर की शुरुआत कन्नौज लोकसभा से ही की थी। साल 2000 में जब मुलायम सिंह यादव ने कन्नौज से इस्तीफा दिया था, तब उन्होंने अखिलेश को यहां से मैदान में उतार दिया था. कन्नौज में उस वक्त लोगों से की गई मुलायम एक अपील ने खूब सुर्खियां बटोरी थी।
मालूम हो कि, कन्नौज यूपी की 80 में से एक लोकसभा सीट है. कन्नौज और कानपुर देहात के कुछ हिस्सों को काटकर 1967 में कन्नौज लोकसभा का गठन किया गया है. इस सीट से कद्दावर समाजवादी नेता राम मनोहर लोहिया पहली बार सांसद चुने गए थे। समाजवादी नेताओं का यह सीट गढ़ माना जाता रहा है. 1996 से लेकर 2014 तक लगातार 20 साल तक इस सीट पर सपा का कब्जा रहा।2012 में मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश ने जब यहां से इस्तीफा दिया, तो पार्टी की तरफ से डिंपल को मैदान में उतारा गया था. डिंपल यहां से निर्विरोध चुनाव जीती थी।
उधर, इस सीट pa जातीय समीकरण की बात की जाए तो कन्नौज में करीब 16 प्रतिशत मुस्लिम, 16 प्रतिशत यादव हैं. यहां ब्राह्मणों की आबादी 15 प्रतिशत है, जबकि ठाकुर 10 प्रतिशत के आसपास है। अन्य ओबीसी समुदाय की आबादी भी यहां 20 प्रतिशत के आसपास है, जबकि दलित 18-19 प्रतिशत हैं।
