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23-Jul-2023 04:55 PM
By First Bihar
PATNA: शिक्षा विभाग के मना करने के बावजूद ड्यूटी छोड़कर बीते 11 जुलाई को पटना में धरना प्रदर्शन में शामिल हुए शिक्षकों के खिलाफ विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पिछले दिनों फोटो और वीडियो से पहचान कर शिक्षा विभाग ने धरना में शामिल होने वाले 16 शिक्षकों को नोटिस भेजा था। धरना में शामिल सीवान के सात शिक्षकों की पहचान कर उनके खिलाफ विभाग ने बड़ा एक्शन लिया है और सातों को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है।
दरअसल, बिना परीक्षा दिए राज्यकर्मी का दर्जा पाने के लिए बीते 11 जुलाई को नियोजित शिक्षक संघ ने पटना में धरना दिया था। इस धरना में बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल हुए थे और अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद किया था हालांकि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक ने पहले ही शिक्षकों को चेताया था और कहा था कि ड्यूटी छोड़कर अगर वे धरना में शामिल हुए तो सख्त कार्रवाई की जाएगी, बावजूद इसके शिक्षक धरना में शामिल होने के लिए पटना पहुंचे थे।
वीडियो फुटेज और फोटो के माध्यम से शिक्षा विभाग ने धरना में शामिल हुए सीवान के सात शिक्षकों की पहचान कर उन्हें बर्खास्त करने का आदेश दे दिया है। शिक्षा विभाग ने नियोजन इकाई को पत्र लिखकर इन 7 शिक्षकों को सेवा मुक्त करने का निर्देश दिया है।इससे पहले शिक्षा विभाग ने धरना में शामिल हुए 16 अन्य शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण पूछा था और जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर कार्रवाई की बात कही गई थी।
बता दें कि केके पाठक ने जब से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव का कार्यभार संभाला है तभी से वे एक्शन में हैं और बिना छुट्टी के स्कूल से गायब रहने वाले शिक्षकों के ऊपर नकेल कस दिया है। केके पाठक के आदेश के बाद स्कूल और कॉलेजों के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों को हर दिन आते और जाते वक्त अपना अटेंडेंस बनाना पड़ रहा है। स्कूलों की तरफ से शिक्षकों की उपस्थिति की हर दिन की रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजना अनिवार्य कर दिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर शिक्षकों के वेतन भी काटे जा रहे हैं।