Bihar government hospital : बिहार के सरकारी अस्पतालों में ओपीडी व्यवस्था होगी और पारदर्शी, डॉक्टर–मरीज समय की होगी अलग ट्रैकिंग Vijay Kumar Sinha : 'हम हौले -हौले डोज दे रहे ... ',अधिक दे देंगे तो रिएक्शन हो जाएगा; बोले विजय सिन्हा - अभी होम्योपैथी इलाज कर रहे जरूरत पड़ने पर करेंगे सर्जरी Bihar Land Reform: राजस्व एवं भूमि सुधार में Vijay Sinha के एक्शन से हुआ बड़ा सुधार, शिकायत निपटारे में आई तेजी; विभाग ने जारी किया पूरा डेटा land registration Bihar : बिहार के 57 सब रजिस्ट्रार को इनकम टैक्स का नोटिस, जमीन रजिस्ट्री घोटाले में जांच तेज Bihar Ias Officers: बिहार कैडर के 316 अफसरों की सिविल लिस्ट जारी, 'अंशुली आर्या' पहले तो 'संजय कुमार' दूसरे नंबर पर, सभी अधिकारियों की 'वरीयता' जानें... Bihar land cases : बिहार में जमीन माफियाओं और फर्जी दस्तावेज वालों के खिलाफ सख्त एक्शन, डिप्टी CM और मंत्री विजय सिन्हा ने बताया ये गंभीर धाराएं होंगी लागू Patna High Court Chief Justice : जस्टिस संगम कुमार साहू बने पटना उच्च न्यायालय के 47वें मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल ने दिलाई शपथ Bihar jewellery news : हिजाब, नक़ाब, घूंघट और हेलमेट के साथ ज्वेलरी शॉप में नहीं मिलेगी एंट्री, फेस आईडेंटिफाई कर ही होगी खरीदारी JEEViKA Didi Cricket : जीविका दीदियों की क्रिकेट प्रतियोगिता, नई चेतना अभियान से महिला सशक्तिकरण और आत्मविश्वास को मिलेगा प्रोत्साहन land mutation Bihar : बिहार में दाखिल-खारिज ने पकड़ी रफ्तार, विजय सिन्हा की सख्ती का दिख रहा असर; इन अंचलों की रही कमजोर स्थिति
09-Jan-2020 06:08 PM
PATNA : बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को बीजेपी और नीतीश कुमार से ज्यादा AIMIM की मुखिया असदुद्दीन ओवैसी का खौफ सता रहा है। तेजस्वी यादव बिहार में ओवैसी की एंट्री से परेशान हैं। पिछले विधानसभा उपचुनाव में किशनगंज सीट पर ओवैसी की पार्टी के उम्मीदवार की जीत में तेजस्वी के कान खड़े कर दिए हैं। यही वजह की तेजस्वी यादव अज्ञातवास खत्म कर सीमांचल में अपनी पार्टी की साख बचाने के लिए जाने वाले हैं।
तेजस्वी यादव चंद हफ्तों से अज्ञातवास पर चल रहे हैं लेकिन अब 16 जनवरी से वह प्रतिरोध सभा करेंगे तेजस्वी कि यह प्रतिरोध सभा सीमांचल के इलाके से शुरू होगी। 16 जनवरी को तेजस्वी यादव किशनगंज में पहली सभा को संबोधित करेंगे। 17 जनवरी को वह अररिया और 18 जनवरी को कटिहार जाएंगे। तेजस्वी प्रतिरोध सभा के जरिए CAA, NRC और NPR जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच अपनी बात रखेंगे।
दरअसल तेजस्वी यादव इन मुद्दों के जरिए सीमांचल के इलाके में अपनी पार्टी के घटते जनाधार को बचाने की कोशिश करेंगे। तेजस्वी जानते हैं कि अगर बिहार में उनकी पार्टी से अल्पसंख्यक वोट बैंक खिसक गया तो विधानसभा का अगला चुनाव उनके लिए बेहद मुश्किल भरा होगा। ओवैसी पहले ही बिहार की राजनीति में दस्तक दे चुके हैं और अब उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। ऐसे में तेजस्वी को NRC और CAA जैसे मुद्दे बीजेपी और जेडीयू पर हमला बोलने के साथ-साथ ओवैसी की सेंधमारी से भी बचना होगा।