ब्रेकिंग न्यूज़

T20 World Cup 2026 : ईशान किशन और अभिषेक शर्मा की फिटनेस पर संकट, भारत-नामीबिया मुकाबले में दिखेगी टीम इंडिया की नई ओपनिंग जोड़ी ! ‘घूसखोर पंडत’ विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स को फटकार लगाई, कहा- समाज में नफरत फैलाना मान्य नहीं ‘घूसखोर पंडत’ विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने मेकर्स को फटकार लगाई, कहा- समाज में नफरत फैलाना मान्य नहीं INFRASTRUCTURE UPDATE: श्रावणी मेला में देवघर जाना होगा आसान, महाशिवरात्रि से पहले मंत्री ने कर दिया बड़ा एलान; जानिए क्या है ख़ास Bihar Crime News: बिहार में सनकी युवक ने गर्लफ्रेंड के घर की फायरिंग, बाल-बाल बची युवती; पुलिस ने आरोपी को पकड़ा Bihar Crime News: बिहार में सनकी युवक ने गर्लफ्रेंड के घर की फायरिंग, बाल-बाल बची युवती; पुलिस ने आरोपी को पकड़ा road accident Bihar : क्रिकेट खेल कर लौट रहे बच्चों को तेज रफ़्तार वाहन ने रौंद डाला, तीन लोगों की हुई मौत Bihar Crime News: पुलिस पिटाई का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, अवैध वसूली का विरोध करने पर सरपंच को पीटा था Bihar Crime News: पुलिस पिटाई का मामला पहुंचा मानवाधिकार आयोग, अवैध वसूली का विरोध करने पर सरपंच को पीटा था Patna road project : पटना में ट्रैफिक की पुरानी समस्या का होगा अंत, करबिगहिया गोलंबर से शुरू होंगे यह काम

नीतीश कुमार ने जंगलराज की दिलायी याद, बोले.. शाम को लोग घरों में हो जाते थे कैद

नीतीश कुमार ने जंगलराज की दिलायी याद, बोले.. शाम को लोग घरों में हो जाते थे कैद

31-Oct-2020 03:51 PM

SAHARSA: सोनवर्षा में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए नीतीश कुमार ने एक बार फिर लालू प्रसाद और राबड़ी देवी पर निशाना साधा है. सीएम ने जंगलराज की याद दिलाते हुए कहा कि शाम को निकलना मुश्किल हो जाता था. घरों में लोग कैद हो जाते थे. 



क्राइम कंट्रोल

नीतीश कुमार ने कहा कि जंगलराज में हत्या और अपहरण होता था.  डर के कारण बिहार से कितने डॉक्टर और कारोबारी भाग गए. लेकिन अब कुछ लोग बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं. लेकिन आपलोग इनके झांसे में मत आइये. नीतीश कुमार ने कहा कि जब आपलोगों ने काम करने का मौका दिया उस समय बिहार का बुरा हाल था. लेकिन उसको हमने ठीक किया. क्राइम को कंट्रोल किया. आज क्राइम के मामले में बिहार 23वें नंबर पर है. कुछ लोग तो समाज में गड़बड़ करने वाला होता ही है.

समय पर नहीं मिलता था वेतन

नीतीश कुमार ने लालू-राबड़ी राज में शिक्षकों समेत कई विभागों को कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिलता था. लोग परेशान रहते थे, लेकिन अब वह हालात नहीं है. कोसी त्रासदी के समय कई जिलों की स्थिति खराब हो गई. लेकिन एक-एक जगहों पर 10-10 हजार लोगों को रखा गया. परिवारों को आर्थिक मदद दी गई. हम तो पहले से ही कहते आ रहे हैं कि सरकार के खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक है.