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26-Apr-2023 02:34 PM
By First Bihar
SAHARSA: बाहुबली आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद की सगाई में शामिल होने के लिए सहरसा जेल से 15 दिन के लिए पैरोल पर थे। पैरोल खत्म होने के बाद आज वे फिर से सहरसा मंडल कारा चले गये। बता दें कि उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। रिहाई के आदेश पर मुहर लग गयी है। नीतीश सरकार ने इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया है। अब स्थायी रूप से वे जेल से बाहर निकलेंगे। सहरसा जेल में आने के बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। पूर्व सांसद आनंद मोहन जब सहरसा जेल के अंदर जा रहे थे तब अपना हाथ जोड़ते ही गए और कहा कि अब जेल से निकलेंगे तब बात करेंगे।
इससे पहले मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभी कुछ नहीं कहेंगे। जेल से निकलेंगे तब बोलेंगे। जितना बोलना था वो पहले ही बोल चुके हैं। अभी कोई नई बात नहीं है। वही आईएएस संगठन के विरोध पर उन्होंने कहा कि सबको प्रणाम करते हैं। जब सहरसा जेल से बाहर निकलेंगे तब सभी सियासी सवालों का जवाब देंगे।
मालूम हो कि, सोमवार को बिहार सरकार ने जिन 27 कैदियों की रिहाई का आदेश जारी किया उसमें पूर्व सांसद आनंद मोहन भी शामिल है हालांकि इनकी रिहाई को लेकर कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के साथ-साथ गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णाया के परिवार ने भी आपत्ति जताई है। वहीं, इसे लेकरआनंद मोहन का कहना है कि,पैरोल सरेंडर करेंगे और जो भी जेल की प्रक्रिया है, उसको पूरी कर के बाहर आएंगे।
इसके आगे उन्होंने कहा कि, रिहाई का फैसला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में ये फैसला लिया गया है, इसलिए किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जहां तक राजनीति में सक्रिय होने का सवाल है तो जेल से बाहर आने के बाद अपने पुराने साथियों के साथ मिल-बैठकर फैसला करूंगा।
आपको बताते चलें कि, आनंद मोहन को गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी. जिसके बाद से वह करीब 16 सालों से जेल में बंद हैं। उन पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। अभी हाल में ही राज्य सरकार ने आनंद मोहन समेत 27 कैदियों को रिहा करने का आदेश जारी किया है।
SAHARSA: बाहुबली आनंद मोहन अपने बेटे चेतन आनंद की सगाई में शामिल होने के लिए सहरसा जेल से 15 दिन के लिए पैरोल पर थे। पैरोल खत्म होने के बाद आज वे फिर से सहरसा मंडल कारा चले गये। बता दें कि उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। रिहाई के आदेश पर मुहर लग गयी है। नीतीश सरकार ने इसे लेकर नोटिफिकेशन भी जारी किया है। अब स्थायी रूप से वे जेल से बाहर निकलेंगे। सहरसा जेल में आने के बाद प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। पूर्व सांसद आनंद मोहन जब सहरसा जेल के अंदर जा रहे थे तब अपना हाथ जोड़ते ही गए और कहा कि अब जेल से निकलेंगे तब बात करेंगे।
इससे पहले मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि अभी कुछ नहीं कहेंगे। जेल से निकलेंगे तब बोलेंगे। जितना बोलना था वो पहले ही बोल चुके हैं। अभी कोई नई बात नहीं है। वही आईएएस संगठन के विरोध पर उन्होंने कहा कि सबको प्रणाम करते हैं। जब सहरसा जेल से बाहर निकलेंगे तब सभी सियासी सवालों का जवाब देंगे।
मालूम हो कि, सोमवार को बिहार सरकार ने जिन 27 कैदियों की रिहाई का आदेश जारी किया उसमें पूर्व सांसद आनंद मोहन भी शामिल है हालांकि इनकी रिहाई को लेकर कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के साथ-साथ गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णाया के परिवार ने भी आपत्ति जताई है। वहीं, इसे लेकरआनंद मोहन का कहना है कि,पैरोल सरेंडर करेंगे और जो भी जेल की प्रक्रिया है, उसको पूरी कर के बाहर आएंगे।
इसके आगे उन्होंने कहा कि, रिहाई का फैसला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के आलोक में ये फैसला लिया गया है, इसलिए किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। जहां तक राजनीति में सक्रिय होने का सवाल है तो जेल से बाहर आने के बाद अपने पुराने साथियों के साथ मिल-बैठकर फैसला करूंगा।
आपको बताते चलें कि, आनंद मोहन को गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृष्णैया की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा मिली थी. जिसके बाद से वह करीब 16 सालों से जेल में बंद हैं। उन पर भीड़ को उकसाने का आरोप है। अभी हाल में ही राज्य सरकार ने आनंद मोहन समेत 27 कैदियों को रिहा करने का आदेश जारी किया है।