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15-Dec-2023 07:56 AM
By First Bihar
PATNA: गुरूवार यानि 14 दिसंबर को पटना में बेहद दिलचस्प वाकया हुआ. गांधी मैदान के पास बिस्कोमान टावर के सामने प्रशासन के कई लोग दौड़ते भागते पहुंचे. वे बाहर से बिस्कोमान टावर का निरीक्षण करने में लग गये. कुछ देर में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वहां पहुंच गयीं. बिस्कोमान टावर ही नहीं बल्कि आस-पस के मकानों के लोग हैरान हो गये कि माजरा क्या है. कहीं कोई आग नहीं लगी, फिर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां क्यों पहुंच रही हैं. बाद में जो हुआ उसे देख कर लोग हैरान रह गये. सहकारी संस्थान बिस्कोमान के अध्यक्ष और आरजेडी के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा- भाई जी ई त एकदम गमका दिहलन! प्रतिशोध के ज्वाला में धधक रहल बाड़े !

सवाल ये है कि किसने गमका दिया यानि दुर्गंध फैला दिया. कौन प्रतिशोध की ज्वाला में जल रहा है. आखिरकार एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने किस पर ये टिप्पणी की. बता दें कि सुनील कुमार सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर दो पोस्ट किया. पहले पोस्ट में लिखा- “आज तो एक अजीबोगरीब हैरतअंगेज घटना देखने को मिला, उनकी कुटिल नजर ज्ञान भवन जाने के दौरान बिस्कोमान भवन पर लिखे हुए नालंदा ओपन विश्वविद्यालय पर पड़ा. जैसा कि लोगों का कहना है कि बिस्कोमान के ऊपर अपने प्रिय नालंदा का नाम पढ़ने के साथ ही साहब जी का ब्रह्मांड गर्म हो गया. आनन- फानन में प्रशासन के लोगों को फरमान जारी हुआ कि 2 घंटे के अंदर में बिस्कोमान के उपर लिखा हुआ नालंदा राजगीर के बगल में फेंका हुआ मिलना चाहिए!”
अब इसका मतलब समझिये. गुरूवार को गांधी मैदान के पास ज्ञान भवन में बिहार सरकार ने इन्वेसटर्स मीट का आयोजन किया था. उद्योगपतियों को बिहार में पूंजी निवेश करने के लिए जुटाया गया था. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिन में उसी कार्यक्रम में भाग लेने ज्ञान भवन गये थे. उनका काफिला बिस्कोमान के सामने से ही गुजरा था. एमएलसी सुनील सिंह ने नीतीश कुमार का नाम नहीं लिखा, बाकी सब बात कह दी. सुनील सिंह का कहना है कि नीतीश कुमार ने ज्ञान भवन में जाते हुए बिस्कोमान टावर पर नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी का बोर्ड लगा हुआ देखा. इसके बाद मुख्यमंत्री ने आनन फानन में बोर्ड हटाने का आदेश दिया और फिर दो घंटे में बिस्कोमान टावर से यूनिवर्सिटी का बोर्ड उखाड़ फेंका गया.

बता दें कि, नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी लंबे अर्से तक बिस्कोमान टावर के किराये के ऑफिस से ही चलता रहा था. करीब तीन महीने पहले राज्य सरकार ने इस यूनिवर्सिटी को नालंदा में अपने भवन में शिफ्ट कर दिया है. इसी साल 29 अगस्त को नीतीश कुमार ने नालंदा के सिलाव के पास नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी के नये भवन का उद्घाटन किया था. लेकिन कई दशकों तक बिस्कोमान टावर से चलने वाले नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी का बोर्ड अभी भी वहां टंगा हुआ था. नीतीश कुमार ने आज उधर से गुजरते हुए वह बोर्ड देख लिया और फिर तुरंत उसे उखाड़ फेंकने का आदेश जारी हो गया. इसके बाद वहां खूब प्रशासनिक तमाशा हुआ.
प्रतिशोध की आग में जल रहे नीतीश!
राजद के एमएलसी सुनील कुमार सिंह ने ये भी बताया कि नीतीश कुमार ने आखिरकार ऐसा क्यों करवाया. सोशल मीडिया पोस्ट में सुनील कुमार सिंह ने लिखा- “भाई जी ई त एकदम गमका दिहलन! प्रतिशोध के ज्वाला में धधक रहल बाड़े ! बिस्कोमान के उपर नालंदा लिखा हुआ सारा बोर्ड गजरा- मुरई की तरह उखड़वा कर गांधी मैदान में फेंकवा दिए! जैसा कि मीडिया के बंधुओं ने बताया कि यही क्रोध में धधकते हुए ज्ञान भवन में ज्ञान का बखान नहीं किए!”
बता दें कि नीतीश कुमार और एमएलसी सुनील कुमार सिंह के बीच का रिश्ता जगजाहिर है. सुनील कुमार सिंह लगातार सोशल मीडिया के जरिये नीतीश कुमार पर हमला बोलते रहे हैं. वहीं, नीतीश कुमार महागठबंधन विधायक दल की बैठक में ये कह चुके हैं कि सुनील सिंह बीजेपी से संपर्क में हैं. दोनों के बीच उस बैठक में बहस भी हुई थी. हालांकि तब लालू-तेजस्वी ने मामले को शांत कराया था लेकिन सुनील सिंह नीतीश कुमार का नाम लिये बगैर उऩ पर लगातार हमला बोलते रहे हैं. अब सुनील सिंह कह रहे हैं कि उसी प्रतिशोध में नीतीश कुमार ने बिस्कोमान टावर पर लगा नालंदा ओपेन यूनिवर्सिटी का बोर्ड आनन फानन में उखड़वा कर फेंकवा दिया.