मुंगेर में करोड़ों की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह बंद, लोग खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर इश्क बना मौत का जाल… बेटी के प्यार से भड़के पिता ने रची खौफनाक साजिश, जंगल में लटका मिला प्रेमी जोड़ा गोपालगंज: कृष्णा सिंह हत्याकांड का खुलासा, 5 अपराधी गिरफ्तार अब नहीं मिलेगा ‘रेटॉल पेस्ट’… बिहार सरकार का बड़ा फैसला, ऑनलाइन-ऑफलाइन बिक्री पर पूरी तरह रोक नीतीश कुमार का नया आशियाना: 7 सर्कुलर रोड स्थित आवास का लिया जायजा Bihar News: संदिग्ध हालात में युवक का शव बरामद, कनौजी स्टेडियम के पास मिली लाश; जांच में जुटी पुलिस अब मिनटों में तय होगा सफर, बख्तियारपुर से मोकामा तक बदलने वाली है तस्वीर पति के बाद अब ससुर की जिम्मेदारी? हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, जानिए किन हालात में मिलेगा गुजारा भत्ता पटना सिटी में गैस सिलेंडर की कालाबाजारी का भंडाफोड़, अवैध रिफिलिंग करते एक गिरफ्तार कांग्रेस जिलाध्यक्ष की लिस्ट में यादवों और ब्राह्मणों का दबदबा, भूमिहार राजपूत पर भारी
28-Apr-2023 08:44 PM
By First Bihar
PATNA: जी.कृष्णैया हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाए पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर बिहार का सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। बीजेपी के साथ साथ आईएएस एसोसिएशन और खुद जी. कृष्णैया की पत्नी और बेटी ने सरकार के इस फैसले पर सवाल खड़ा किया है। जिस वक्त यह घटना हुई, उस समय लालू प्रसाद बिहार के मुख्यमंत्री हुआ करते थे। बिहार में आनंद मोहन की रिहाई को लेकर छिड़े संग्राम के बीच शुक्रवार को जब लालू दिल्ली से पटना पहुंचे तो बीजेपी सांसद और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने अपने तीखे सवालों के जरिए लालू को घेरने की कोशिश की।
दरअसल, बिहार में पिछले कुछ दिनों से पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। इसी संग्राम के बीच शुक्रवार को लालू प्रसाद की एंट्री हो गई। लालू के दिल्ली से पटना पहुंचने के बाद बीजेपी नेता और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आनंद मोहन की रिहाई को लेकर घेरा है। सुशील मोदी ने पूछा है कि जब लालू खुद सीएम थे तब उन्होंने आनंद मोहन की मदद क्यों नहीं की थी।
सुशील मोदी ने बिहार सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि महागठबंधन की सरकार चुनावी लाभ लेने के लिए कानून को कमजोर कर दुर्दांत अपराधियों को रिहा कर रही है। इस फैसले से सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों का जीवन खतरे में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि 2005 तक राजद की सरकार थी, तब क्यों नहीं आनंद मोहन को निर्दोष बताने की कोशिश की गई, इसका जवाब तो लालू प्रसाद ही दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि आज चुनावी लाभ के लिए लाखों सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को ताक पर रख कर राजद-जदयू की सरकार दुर्दांत अपराधियों को रिहा कर रही है।