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03-Aug-2022 09:08 AM
PATNA : पटना हाईकोर्ट में नेपाली नगर में मकानों को तोड़ने को लेकर दायर दो रिट याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई हुई, जिसमें न्यायाधीश संदीप कुमार की एकलपीठ ने महाधिवक्ता से कई गंभीर सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि राजीवनगर थाने में पिछले 25 सालों से पदस्थापित थानेदारों को क्या नोटिस जारी कर इस मामले में जवाब तलब किया गया। जवाब में एडवोकेट जेनरल ने कहा कि कार्रवाई की जा रही है। नेपाली नगर में अवैध निर्माण को लेकर कोर्ट ने कहा कि इसके पीछे राजीव नगर थाने में पदस्थापित थानेदार और आवास बोर्ड के कर्मचारियों और अधिकारियों का हाथ है। इस काम के लिए इन लोगों ने नाजायज पैसा लिए।
कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को कोर्ट नहीं छोड़ेगा। इससे पहले राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता ललित किशोर ने कहा कि यह मामला सुनवाई के लायक नहीं हैं, क्योंकि याचिकाकर्ता का कोई भी कानूनी अधिकार इस जमीन पर नहीं है। अब 4 अगस्त को मामले की अगली सुनवाई होने वाली है।
ललित किशोर ने कहा कि दायर की गयी रिट याचिका में किसी ने भी यह नहीं लिखा है कि जिस जमीन पर उनका या दूसरे का मकान बना है या था, उसकी चौहद्दी, खाता, प्लाॅट और रकबा क्या है. यह जमीन इन लोगों ने कब और किससे खरीदी और उस पर कब और किसकी अनुमति के बाद अपना मकान बनाया, यह मेंशन नहीं है. जबकि उन्हें यह पूरी तरह मालूम है कि यह जमीन आवास बोर्ड की है. अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कानून के तहत की गयी है. इसके लिए अतिक्रमणकारियों को नोटिस भेजा था। न्यूज़ क्व माध्यम से इसे प्रकाशित कराया गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के पहले नोटिस भी नहीं भेजा गया था।